“17 बार पेपर लीक करने वाले शीशे के घरों में रहकर दूसरों पर पत्थर न फेंकें”, मदन राठौड़ ने कांग्रेस को दिया करारा जवाब
राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर पेपर लीक मामलों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिनके कार्यकाल में बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आईं, उन्हें दूसरों पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
मदन राठौड़ ने अपने बयान में कहा कि “17 बार पेपर लीक करने वाले लोग शीशे के घरों में रहकर दूसरों पर पत्थर न फेंकें।” उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है और सियासी तापमान और बढ़ गया है। यह टिप्पणी सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भी तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं ने प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। राठौड़ ने कहा कि लगातार सामने आए पेपर लीक मामलों ने न केवल युवाओं की मेहनत पर पानी फेरा है, बल्कि सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए हैं।
भाजपा नेता ने आगे कहा कि इस तरह की घटनाओं के लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने यह भी दावा किया कि पेपर लीक जैसे मामलों ने युवाओं के बीच गहरी निराशा पैदा की है।
उनके इस बयान के बाद कांग्रेस खेमे में भी हलचल देखी जा रही है, हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है।
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक मामलों को लेकर पहले भी कई बार राजनीतिक विवाद हो चुका है। यह मुद्दा लगातार विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बना हुआ है, जिसका सीधा असर राज्य की युवा राजनीति पर भी पड़ता दिखाई देता है। फिलहाल मदन राठौड़ के इस बयान ने एक बार फिर पेपर लीक विवाद को सुर्खियों में ला दिया है और राज्य का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

