भारतमाला नेशनल हाईवे बना ऊंटों का कब्रिस्तान! तेज रफ़्तार वाहन की चपेट में आए 9 ऊंट, खून से लाल हुई सड़क
राजस्थान के फलौदी जिले में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। देर रात लक्ष्मण नगर चाडी इलाके में एक अज्ञात वाहन चालक ने सड़क पर चल रहे एक दर्जन से ज्यादा ऊंटों और ऊंटनियों को कुचल दिया। इस हादसे में 10 ऊंटों और ऊंटनियों की मौत हो गई, जबकि कुछ घायल हो गए। हादसे के बाद ऊंटों और ऊंटनियों के शव सड़क पर बिखर गए। हर तरफ खून ही खून नजर आ रहा था। जब ग्रामीणों को इस हादसे की जानकारी मिली तो वे आक्रोशित हो गए और भारतमाला नेशनल हाईवे पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे।
ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर दिया
ग्रामीणों ने भारतमाला हाईवे जाम कर दिया और कार्रवाई की मांग करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को 'राजकीय पशु' की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए और आरोपी चालक को जल्द से जल्द पकड़कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जैसे ही फलौदी जिला पुलिस को इस हादसे की जानकारी मिली तो एक टीम अज्ञात चालक की तलाश में जुट गई। वहीं, दूसरी टीम ग्रामीणों के पास पहुंचकर उन्हें भरोसा दिलाती रही कि जांच शुरू हो गई है और आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
ऊँट राजस्थान का 'राज्य पशु' है
आपको बता दें कि ऊँट राजस्थान का राज्य पशु है, जो अपनी विशिष्ट विशेषताओं और उपयोगिता के लिए जाना जाता है। ऊँट को रेगिस्तान का जहाज भी कहा जाता है, क्योंकि यह रेगिस्तानी इलाकों में रहने और यात्रा करने के लिए अनुकूल है। ऊँट राजस्थान की संस्कृति में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऊँट को अक्सर राजस्थान की कला और साहित्य में दर्शाया जाता है, और पारंपरिक त्योहारों और समारोहों में भी इसका उपयोग किया जाता है। ऊँटों की संख्या में कमी के कारण इसके संरक्षण के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा ऊँटों की नस्लों को बचाने और इसे संरक्षित करने के लिए काम किया जा रहा है।
ऊँट को मारने पर सजा का प्रावधान
राजस्थान में राजस्थान पशु संरक्षण अधिनियम 1956 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत 'ऊँट' को मारने पर सजा का प्रावधान है। आरोपी को 3 से 5 साल की जेल हो सकती है और 5 से 10 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यदि ऊंट को मारने वाला व्यक्ति पहले भी इसी तरह के अपराध का दोषी पाया जाता है तो उसकी सजा और जुर्माना दोनों बढ़ सकते हैं।

