“अंग्रेज अफसर भी आपसे बेहतर थे” — राजेंद्र गुढा ने कलेक्टर को लगाई फटकार, फुटेज में देंखे छात्र सुसाइड मामले पर जताई नाराजगी
Rajendra Gudha ने छात्र सुसाइड मामले को लेकर जिला प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पूर्व मंत्री ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर सीकर जिला कलेक्टर को फोन लगाया और प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक और छात्र की आत्मत्या की घटनाओं के कारण Sikar पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन जिला प्रशासन ने अब तक पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना तक व्यक्त नहीं की।
फोन पर बातचीत के दौरान राजेंद्र गुढा काफी नाराज नजर आए। उन्होंने कलेक्टर से कहा, “पूरा देश सीकर को लेकर चर्चा कर रहा है और आप जिला कलेक्टर होकर भी परिवार से मिलने नहीं आए। अंग्रेज अफसर भी आपसे ठीक थे।” गुढा ने प्रशासनिक संवेदनहीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारियों के भीतर मानवीय संवेदनाएं खत्म होती जा रही हैं।उन्होंने आगे कहा, “आप लोगों के अंदर संवेदना नहीं बची है। आप लोग आखिर क्यों सरकार की ऐसी-तैसी करने में लगे हुए हैं।” गुढा का यह बयान अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल, हाल ही में नीट पेपर लीक विवाद और एक छात्र की आत्महत्या के बाद सीकर चर्चा में है। शिक्षा नगरी के रूप में पहचान रखने वाले सीकर में लगातार छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी घटनाओं को लेकर चिंता जताई जा रही है। इस घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।पूर्व मंत्री का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में प्रशासन को तुरंत पीड़ित परिवार के संपर्क में आकर उन्हें सहयोग और भरोसा देना चाहिए था। लेकिन जिला प्रशासन की ओर से ऐसी कोई पहल नहीं हुई, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
राजेंद्र गुढा के इस बयान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक प्रतिक्रिया भी बता रहे हैं।हालांकि जिला प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन गुढा की नाराजगी ने एक बार फिर प्रशासनिक जवाबदेही और संवेदनशीलता पर बहस छेड़ दी है। फिलहाल छात्र की मौत और नीट पेपर लीक विवाद को लेकर प्रदेशभर में माहौल गर्म है और लोगों की नजरें अब प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

