झुंझुनूं के रामपुरा क्षेत्र में प्राचीन सभ्यता के संकेत, पुरातत्व विभाग ने शुरू किया उत्खनन
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के खेतड़ी उपखंड के रामपुरा क्षेत्र में जमीन के नीचे दबी एक प्राचीन सभ्यता के अवशेष मिलने के संकेत मिले हैं। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि यह सभ्यता करीब 8वीं से 12वीं शताब्दी के बीच की हो सकती है। इस महत्वपूर्ण खोज के बाद क्षेत्र में इतिहास और पुरातत्व से जुड़े विशेषज्ञों की दिलचस्पी बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार स्थानीय स्तर पर जमीन की खुदाई और निरीक्षण के दौरान कुछ प्राचीन अवशेष मिलने की सूचना मिली थी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने टीम को मौके पर भेजा और प्रारंभिक जांच कराई।
प्रारंभिक जांच में जमीन के नीचे प्राचीन निर्माण से जुड़े अवशेष, मिट्टी के बर्तन और अन्य पुरातात्विक सामग्री मिलने के संकेत मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थल किसी पुराने बसावट क्षेत्र या ऐतिहासिक बस्ती का हिस्सा हो सकता है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए विभाग ने यहां वैज्ञानिक तरीके से उत्खनन कार्य शुरू कर दिया है।
पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार उत्खनन के दौरान मिलने वाले अवशेषों के आधार पर इस क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। यदि यहां किसी प्राचीन सभ्यता के प्रमाण मिलते हैं, तो यह क्षेत्र इतिहास की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
स्थानीय लोगों में भी इस खोज को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। कई ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी पुराने अवशेष मिलने की बातें सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार विभाग ने औपचारिक रूप से जांच शुरू की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान के कई इलाकों में प्राचीन सभ्यताओं के अवशेष जमीन के नीचे दबे हुए हैं, जो समय-समय पर सामने आते रहते हैं। रामपुरा क्षेत्र में शुरू हुआ यह उत्खनन भी इतिहास के कई नए पहलुओं को उजागर कर सकता है।
फिलहाल पुरातत्व विभाग की टीम वैज्ञानिक पद्धति से खुदाई कर रही है और मिलने वाले सभी अवशेषों का दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। आने वाले समय में उत्खनन के नतीजों के आधार पर इस क्षेत्र के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

