झुंझुनूं के अग्निवीर आर्यन झाझड़िया को नम आंखों से अंतिम विदाई, वीडियो में जाने सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मंडावा क्षेत्र के रहने वाले अग्निवीर आर्यन झाझड़िया को बुधवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव पीपल का बास में किया गया। 5 जुलाई को तमिलनाडु के चेन्नई स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में आर्यन का निधन हो गया था। उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे आर्यन की पार्थिव देह दिल्ली से सड़क मार्ग के जरिए मंडावा लाई गई। सबसे पहले अंबेडकर पार्क में अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर रखा गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
अंबेडकर पार्क से आर्यन की पार्थिव देह को तिरंगे में लपेटकर उनके पैतृक गांव पीपल का बास ले जाया गया। इस दौरान निकाली गई तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पूरे रास्ते भारत माता की जय और वीर जवान अमर रहें जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। गांव पहुंचने पर हर आंख नम थी। लोग अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
इकलौते बेटे को देखकर बेसुध हुई मां
घर पहुंचने पर भावुक दृश्य देखने को मिले। इकलौते बेटे की पार्थिव देह को देखकर मां सरोज देवी बेसुध हो गईं। परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। बड़ी बहन पूनम भी अपने भाई को अंतिम विदाई देते समय खुद को संभाल नहीं सकीं।परिजनों और ग्रामीणों ने किसी तरह परिवार को ढांढस बंधाया, लेकिन पूरे गांव में शोक का माहौल बना रहा।
सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
अंतिम संस्कार से पहले भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ आर्यन को श्रद्धांजलि दी। अधिकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) उनके पिता भागीरथ को सौंपा। यह पल वहां मौजूद सभी लोगों के लिए बेहद भावुक रहा।इसके बाद सैन्य जवानों ने सलामी देकर अपने साथी को अंतिम सम्मान दिया। नम आंखों के बीच पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। परिवार की परंपरा के अनुसार आर्यन के चचेरे भाई ने मुखाग्नि दी।
गांव ने वीर सपूत को दी श्रद्धांजलि
अग्निवीर आर्यन झाझड़िया की अंतिम यात्रा में गांव के लोगों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभी ने देश के लिए समर्पित युवा सैनिक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान और सेवा भावना को नमन किया।
आर्यन का असमय निधन पूरे क्षेत्र के लिए गहरा आघात है। उनकी अंतिम विदाई के दौरान हर किसी की आंखें नम थीं और लोगों ने वीर जवान की स्मृति को हमेशा जीवित रखने का संकल्प लिया।

