झुंझुनूं के शिक्षक का मोटिवेशनल सॉन्ग रिलीज, वीडियो में जाने ‘जीवन थारो थान ही घडणो पड़गो’ से बच्चों को मिलेगा प्रेरणा संदेश
Jhunjhunu जिले के खेतड़ी स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में कार्यरत शिक्षक जितेंद्र जांगिड़ द्वारा रचित प्रेरणादायक मोटिवेशनल सॉन्ग ‘जीवन थारो थान ही घडणो पड़गो, मोटी-मोटी किताबां न पढ़णो पड़गो’ का विधिवत विमोचन किया गया। यह गीत विद्यार्थियों को शिक्षा और मेहनत के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।मुख्य जिला शिक्षा कार्यालय झुंझुनूं में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक शर्मा और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी खेतड़ी अनुकम्पा अरडावतिया ने संयुक्त रूप से इस गीत को रिलीज किया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक और अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।
गीत के बोल राजस्थानी अंदाज में लिखे गए हैं, जिनमें विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने, मेहनत करने और पढ़ाई के महत्व को समझाने का संदेश दिया गया है। गीत का शीर्षक ही युवाओं और छात्रों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देता नजर आता है।इस मौके पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी Ashok Sharma ने कहा कि इस तरह के प्रेरणादायक गीत बच्चों में सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि यह गीत विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करेगा और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने का काम करेगा।
वहीं मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी Anukampa Aradawatiya ने भी शिक्षक जितेंद्र जांगिड़ की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियां भी बच्चों के मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।शिक्षक जितेंद्र जांगिड़ लंबे समय से विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए रचनात्मक प्रयास करते रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह गीत ग्रामीण परिवेश और स्थानीय भाषा की शैली में तैयार किया गया है ताकि बच्चे आसानी से इससे जुड़ सकें और इसके संदेश को समझ सकें।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षकों ने भी इस गीत को छात्रों के लिए उपयोगी बताया। उनका कहना था कि आज के समय में बच्चों को सकारात्मक दिशा देने के लिए इस तरह के प्रेरणादायक कंटेंट की जरूरत है।सोशल मीडिया पर भी यह गीत चर्चा में आने लगा है। स्थानीय लोगों और शिक्षकों का मानना है कि राजस्थानी भाषा में तैयार यह मोटिवेशनल सॉन्ग बच्चों और युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय हो सकता है। फिलहाल शिक्षा विभाग इस गीत को स्कूलों तक पहुंचाने और विद्यार्थियों के बीच प्रचारित करने की दिशा में भी विचार कर रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चे इससे प्रेरणा ले सकें।

