झुंझुनूं और हनुमानगढ़ एसपी को पद से हटाया, वीडियो में जानें क्यों किया गया APO
राजस्थान में पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। राज्य सरकार ने मंगलवार को झुंझुनूं और हनुमानगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को उनके पदों से हटाकर एपीओ (Awaiting Posting Orders) कर दिया है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत झुंझुनूं एसपी शरद चौधरी और हनुमानगढ़ एसपी अरशद अली को तत्काल प्रभाव से एपीओ किया गया है।
सरकारी आदेशों में इस निर्णय के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, लेकिन सूत्रों का मानना है कि हाल ही में दोनों जिलों में हुई कानून-व्यवस्था संबंधी घटनाओं और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है। विशेष रूप से हनुमानगढ़ में बढ़ते आपराधिक मामलों और झुंझुनूं में पुलिस की कार्यशैली को लेकर उठ रही शिकायतों के चलते यह कार्रवाई संभावित मानी जा रही है।
वर्तमान में इन दोनों जिलों में एसपी पद खाली हो गया है, और सरकार ने अभी तक किसी भी नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं की है। ऐसे में जिले की पुलिस व्यवस्था फिलहाल प्रभारी अधिकारियों के माध्यम से संचालित की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही गृह विभाग नए एसपी की नियुक्ति के लिए आदेश जारी करेगा।
इस प्रशासनिक फैसले को लेकर सियासी हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों ने इसे राज्य सरकार की नियमित विफलता और आंतरिक असंतुलन का संकेत बताया है, वहीं सरकार इसे सख्त प्रशासनिक निगरानी और उत्तरदायित्व तय करने की प्रक्रिया के रूप में देख रही है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “एपीओ करना सरकार की यह दर्शाता है कि वह कानून-व्यवस्था को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहती। जिन जिलों में पुलिस प्रदर्शन संतोषजनक नहीं होता, वहां नेतृत्व में बदलाव किया जाना स्वाभाविक है।”
अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि इन दोनों संवेदनशील जिलों में सरकार नए पुलिस अधीक्षकों के रूप में किन अधिकारियों को नियुक्त करती है। झुंझुनूं और हनुमानगढ़ दोनों ही जिले राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं, ऐसे में वहां की पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल रहेगा।

