झुंझुनूं के उदयपुरवाटी कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं का धरना 35वें दिन भी जारी, राजस्व मामलों के स्थानांतरण की मांग
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं का धरना लगातार 35वें दिन भी जारी रहा। वकील इस धरने के माध्यम से तहसील से जुड़े राजस्व मामलों को झुंझुनूं से हटाकर उदयपुरवाटी एसडीएम कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय अधिवक्ताओं ने बताया कि यह मांग लंबित वर्षों से चल रही है और उनका कहना है कि मामलों के स्थानांतरण से न केवल वकीलों और पक्षकारों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि न्याय प्रक्रिया भी अधिक सुलभ और प्रभावी होगी। धरने के दौरान वकीलों ने कोर्ट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
धरने में शामिल अधिवक्ताओं का कहना है कि वे इस मुद्दे पर लंबे समय से सतत प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनता और वकीलों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजस्व मामलों का उदयपुरवाटी एसडीएम कोर्ट में स्थानांतरण अनिवार्य है।
उदयपुरवाटी कोर्ट परिसर में धरने का माहौल शांतिपूर्ण बना हुआ है, लेकिन वकीलों ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी मांग पूरी तरह मान्यता प्राप्त नहीं होने तक वे विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। अधिवक्ताओं ने प्रशासन से अपील की है कि वे शीघ्र ही इस मुद्दे पर निर्णय लें और न्यायिक प्रक्रिया को सुचारू बनाएँ।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे आंदोलन न्यायिक और प्रशासनिक सुधारों को सामने लाने में मदद करते हैं। यह कदम न केवल वकीलों की सुविधा और अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि आम जनता के लिए भी न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाता है।
स्थानीय प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। अधिकारियों ने कहा है कि वकीलों की मांग और कोर्ट परिसर में लगातार जारी धरने को देखते हुए मामले की समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि जल्द ही सभी पक्षों की सहमति से न्यायिक मामलों के स्थानांतरण संबंधी निर्णय लिया जाए।
धरने में शामिल वकीलों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से लेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी मांग जल्द नहीं मानी गई, तो वे और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए तैयार हैं।
इस प्रकार, झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी कोर्ट परिसर में वकीलों का धरना 35वें दिन भी जारी रहा। राजस्व मामलों के स्थानांतरण की यह मांग स्थानीय वकीलों और जनता दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। प्रशासन की प्रतिक्रिया और निर्णय पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

