झुंझुनूं पीएनबी में 4.198 किलो सोने की चोरी, सीसीटीवी फुटेज में देंखे बैंक अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज
झुंझुनूं जिले के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की नवलगढ़ ब्रांच से 4.198 किलो सोने की ज्वेलरी गायब होने का मामला सामने आया है। यह घटना बैंक में गोल्ड सेफ का चार्ज बदलने के दौरान उजागर हुई। बैंक प्रबंधन ने मामले की जांच के लिए तत्काल कार्रवाई की और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया।
बैंक के वर्तमान मैनेजर मुकेश सिहाग ने बताया कि बैंक में गोल्ड लोन के बदले जमा किए गए सोने को सुरक्षित रखने के लिए गोल्ड सेफ में रखा गया था। 28 जनवरी को यह जिम्मेदारी डिप्टी मैनेजर सीमा महला को सौंपना थी। इस प्रक्रिया से पहले, स्ट्रॉन्ग रूम की दो चाबियां तत्कालीन बैंक मैनेजर अमित कुमार और डिप्टी मैनेजर अनंतप्रकाश चौधरी के पास थीं।
जब चार्ज ट्रांसफर किया गया, तो जांच में पाया गया कि सेफ में रखे गए सोने के आभूषणों के पैकेटों में छेड़छाड़ हुई थी। इस पर बैंक प्रबंधन ने अपने स्तर पर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि बड़े पैमाने पर सोने की हेराफेरी की गई है।
बैंक ने रविवार को मामले में तत्कालीन बैंक मैनेजर, बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट और डिप्टी मैनेजर के खिलाफ केस दर्ज कराया। बैंक अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और इंटर्नल सिक्योरिटी टीम द्वारा जांच की जा रही है।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि बैंक में सोने की सुरक्षा और ट्रांसफर प्रक्रिया के दौरान नियमों का पालन न होने से यह घटना हुई। बैंक मैनेजमेंट ने कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और निगरानी व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की बात कही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में स्ट्रॉन्ग रूम और सेफ के ट्रांसफर नियमों का कड़ाई से पालन करना जरूरी है। सोने जैसी कीमती संपत्ति की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बैंक की प्रतिष्ठा और ग्राहकों के भरोसे पर गंभीर असर डाल सकती है।
बैंक अधिकारियों ने यह भी बताया कि ग्राहकों की जमा ज्वेलरी सुरक्षित नहीं रहने से उन्हें भारी नुकसान का खतरा है। बैंक ने यह आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संक्षेप में कहा जा सकता है कि झुंझुनूं पीएनबी नवलगढ़ ब्रांच में 4.198 किलो सोने की चोरी की घटना ने बैंक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। चार्ज ट्रांसफर के दौरान यह चोरी सामने आई और बैंक प्रबंधन ने तत्कालीन अधिकारीयों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

