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Jhansi  डीएपी किल्लत जारी, मायूस लौटे किसान,चौथे दिन भी खाद नहीं पहुंची
 

Jhansi  डीएपी किल्लत जारी, मायूस लौटे किसान,चौथे दिन भी खाद नहीं पहुंची


उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   पीसीएफ केन्द्र मऊरानीपुर में डीएपी खाद की किल्लत बरकरार है. चौथे दिन  भी खाद नहीं पहुंची. एक ट्रक यूरिया लेकर खड़ा रहा. जिससे किसानों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की. वह उदास मन से घरों को लौट गए. रहे. उन्होंने कहा, अब भी डीएपी खाद नहीं मिली तो खेतों की नमी सूख जाएगी और बुवाई का समय निकल जाएगा. जिससे वह बर्बाद हो जाएंगे.

मऊरानीपुर पीसीएफ केन्द्र पर खाद लेने के लिए तीन दिनों से किसान परेशान हैं. रविवार की आधी रात से पंचमपुरा, भदरवारा, खिलारा, वीरा, धमना, पचौरा, कगर, धवाकर, भंडरा, पचवारा, बड़ागांव, स्यावनी सहित अन्य गांवों के महिला-पुरुष किसान लाइन में लग गए थे. सोमवार सुबह से भीड़ और बढ़ गई. वह बेसब्री से खाद आने का इंतजार करते रहे. लेकिन, जैसे ही पता चला कि ट्रक में यूरिया है तो वह मायूस हो गए. धमना के रामसेवक, भूरा ने बताया कि किसी को किसानों की चिंता नहीं है. रात-दिन डीएपी खाद के लिए खड़े हैं. लेकिन, तीन दिन में इसका इंतजाम नहीं हो सका है. वीरा की रामकली, विशना ने बताया कि जब अन्न ही नहीं पैदा होगा तो क्या खाएंगे? कई बार अफसरों से कहा गया. लेकिन, यूरिया दे रहे हैं. जबकि अभी इसकी जरूरत नहीं है. किसानों ने चेतावनी दी कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अब सड़कों पर उतरेंगे और जब तब डीएपी नहीं मिलेगा, तब तक प्रदर्शन किया जाएगा. बहुत हो गया है. किसानों का सब्र का इम्तहान लिया जा रहा है.
किसान नेता शिवनारायण सिंह परिहार, शेखर राज बडोनिया, रामचंद्र, रामाधार निषाद, प्यारेलाल बेधड़क सहित अन्य ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने सरकार पर निशाना साधा. कहा, किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही जा रही है. लेकिन, किसान भूखा-प्यासा गोदाम पर खड़ा है. उन्हें खाद नहीं मिल रही है. अगर जल्द समस्या हल नहीं हुई तो आंदोलन होगा.
रानीपुर में गोदामों पर डीएपी खाद न होने से किसान परेशान हैं. वही बुवाई का समय नजदीक है. किसानों की मानें तो 15 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच अधिकांश खेतों में गेहूं की बुवाई का समय होता है.


झाँसी  न्यूज़ डेस्क
 

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