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Jhansi  1500 किसान करेंगे गौ आधारित प्राकृतिक खेती, जिले में तीस गांवों के किसान हैं इस योजना में शामिल, खरीफ के फसल में करेंगे उपयोग
 

Jhansi  1500 किसान करेंगे गौ आधारित प्राकृतिक खेती, जिले में तीस गांवों के किसान हैं इस योजना में शामिल, खरीफ के फसल में करेंगे उपयोग


उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क  बुन्देलखण्ड स्थित ललितपुर जनपद में गौ आधारित प्राकृतिक खेती से ग्रामीणों को जोड़ने की मुहिम पर तेजी के साथ काम शुरू हो चुका है. राज्य सरकार के निर्देश पर जनपद के तीस गांवों के डेढ़ हजार किसानों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है. 31 जुलाई तक बारीकियां सीखकर आगामी खरीफ में इसका उपोयग होगा.

रासायनिक खाद के इस्तेमाल से मृदा की उर्वरा क्षमता दिनोंदिन कम होती जा रही है. इस खाद का बेहतर विकल्प खोजने के साथ किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में प्रभावशाली कदम उठाना केन्द्र व राज्य सरकार के लिए बड़ी चुनौती है.
इसीलिए जैविक खाद से भी बहुत सस्ती गौ आधारित प्राकृतिक खेती से ललितपुर जनपद के किसानों को जोड़ने का निर्णय बीते दिनों राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक में लिया गया था. जिसके बाद बांदा कृषि विश्वविद्यालय से संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र खिरियामिश्र के वैज्ञानिकों ने अपने प्रक्षेत्र में गौ आधारित प्राकृतिक खेती को पहले परखा इसके बाद किसानों को उससे जोड़ने की कोशिश में जुट गए हैं.
अब शासन ने जनपद स्थित सभी छह ब्लाक के 05-05 गांवों के 50-50 किसानों को गौ आधारित प्राकृतिक खेती से जोड़ने के दिशा निर्देश दिए. प्रत्येक किसान 01-01 हेक्टेयर भूमि खेत में प्राकृतिक ढंग से खेतीबाड़ी का श्रीगणेश करेंगे.
इससे पहले सूचीबद्ध किसानों को गौ आधारित प्राकृतिक खेती के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जा रही है. इसके लिए बाकायदा प्रशिक्षण सत्र आयोजित हो रहे हैं. जिनमें किसानों की आशंकाओं को दूर कर जरूरी बातें बतायी जा रही हैं.
नीमास्त्रत्त्, अग्नि अस्त्रत्त् ब्रह्मास्त्रत्त् बनाने की विधि
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को बीजशोधन, मृदाशोधन से लेकर समय-समय पर उपयोग होने वाली खाद व कीटनाशक आदि बनाने की जानकारी दी जा रही है. बीजामृत, जीवामृत और घनजीवामृत के साथ किसानों को नीमास्त्रत्त्, अग्नि अस्त्रत्त्, ब्रह्मास्त्रत्त् और दसपणनी अर्क बनाने की विधि और कृषि में इनके प्रयोग से अवगत कराया जा रहा है.
ब्लॉकवार ग्राम पंचायतों से शुरू होगा अभियान
प्राकृतिक खेती के लिए बार ब्लाक के बम्हौरीखड़ैत, टोड़ी, टौरिया, धमना, चकोरा को चिह्नित किया गया. इसके अलावा तालबेहट विकास खण्ड स्थित म्यांव, तेरई, रजावन, सारसैड़, रजपुरा, बिरधा ब्लाक के अनौरा, दूधई, जाखलौन, बरखेरा, चढ़रऊ, जखौरा विकास खण्ड स्थित बंदपुरा, मड़वारी, मिर्चवारा, सतगता, बुढ़वार, मड़ावरा ब्लाक के सीरोन, छपरौनी, गुरयाना, दिगवार, बैरवारा तथा महरौनी विकास खंड के मिदगरवाहा, गुढ़ा, जरया, प्यासा व बारौन गांव को शासन ने चिह्नित कर किसान चयनित करने के निर्देश दिए हैं.


झाँसी  न्यूज़ डेस्क
 

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