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Jhansi  76 जोड़ों ने एक साथ जीने मरने की खाई कसमें

लाइफस्टाइल न्यूज डेस्क।। प्रेमी जोड़ों के लिए फरवरी के महीने में कई ऐसे दिन या मौके आते हैं, जिसमें वे दोनों के प्रति अपनी भावनाओं, छिपी हुई भावनाओं और प्यार का इजहार करते हैं। वैलेंटाइन वीक में दुनिया भर के प्रेमी जोड़े अपने प्यार का इजहार करते हैं, एक-दूसरे की तारीफ करते हैं और गुलाब का फूल, चॉकलेट, सॉफ्ट टॉय, ज्वेलरी आदि तरह-तरह के उपहार भी देते हैं। वैलेंटाइन वीक का यह सिलसिला हर साल 7 से 14 फरवरी तक चलता है, इसके बाद रोज डे, प्रपोज डे, चॉकलेट डे, टेडी डे, प्रॉमिस डे, हग डे, किस डे और फिर वैलेंटाइन डे आता है। इन दिनों हर कपल किस डे का बेसब्री से इंतजार करता है। आइए जानते हैं किस डे किस तारीख को पड़ता है और क्यों मनाया जाता है यह दिन।  किस डे कब है?   13 फरवरी को किस डे मनाया जाता है। इस दिन प्रेमी जोड़े एक-दूसरे को प्यार से किस करते हैं। किस डे उन लोगों के लिए काफी अहम और रोमांटिक हो जाता है जिनका प्रपोजल डे के दिन पहली बार स्वीकार किया जाता है। प्यार का इजहार करने के लिए आप अपने पार्टनर का हाथ, माथा, गाल या होठों पर किस करके अपने प्यार का इजहार कर सकते हैं। यह उनके रिश्तों के बीच एक गहरा बंधन बनाता है।  किसिंग डे का इतिहास ऐसा कहा जाता है कि फ्रांस में छठी शताब्दी में जब नृत्य समाप्त हो जाता था तो जोड़े एक साथ नृत्य करके और एक-दूसरे को चूम कर अपने प्यार का इजहार करते थे। वहीं, रूस में शादियों के दौरान किस करने की परंपरा शुरू हुई। इसी तरह पूरी दुनिया में किस के जरिए अपनी भावनाओं को जाहिर करने का सिलसिला शुरू हो गया।    किस डे क्यों मनाया जाता है? हर साल 13 फरवरी को प्रेमी जोड़े किस डे के रूप में मनाते हैं। कहा जाता है कि किस करने से प्रेमी जोड़ों में प्यार बढ़ता है। हम सभी के जीवन में किस का बहुत महत्व होता है। यही एक चीज है जो दूरी और पीड़ा को कम करती है। यदि कोई व्यक्ति दुखी या परेशान है तो उसके माथे पर एक चुम्बन उसके दर्द को कम कर सकता है। किस करना अपने प्यार का इजहार करने का सबसे अच्छा तरीका है।

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत खैर इंटर कॉलेज बालिका विभाग में में खूब शहनाई बजीं. सामूहिक कन्या विवाह उत्सव का आयोजन किया गया. जिसमें 76 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे. उन्होंने एक साथ जीने मरने की कसमें खाई.

खैर इंटर कॉलेज बालिका विभाग में सुबह से ही माहौल बदला-बदला रहा. एक तरफ घराती जुटे तो दूसरी तरफ बाराती. एक बड़ा सा मंच आकार लिए था. यहां मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत लोग गाने गा रहे थे. दोपहर में दूल्हा की बारात निकाली गई. मुख्य अतिथि विधायक जवाहर लाल राजपूत रहे. उन्होंने इसका शुभारंभ किया. बाद में जयमाला कार्यक्रम हुआ. फिर रीति-रिवाज से सभी का विवाह कराया गया. कार्यक्रम में मौजूद खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण निखिल तिवारी सहित अन्य मौजूद रहे. उन्होंने बताया कि सामूहिक विवाह में विकास खंड बामोर से 37 जोड़े, विकास खंड गुरसरांय से 28 जोड्ऱे, नगर पंचायत एरच से तीन जोडे, नगर पंचायत टोड़ी फतेहपुर से 3 जोड़े, नगर पालिका गुरसरांय से पांच जोड़ों का विवाह कराया गया. 

7 गरीब कन्याओं के हाथ पीले कराए झांसी,. गांव अम्बावाय में श्रीमती जानकी बाई और स्व. पन्नालाल की स्मृति में विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया. जिसमं जमकर शहनाईयां गूंजी. . उनका विवाह हुआ. कार्यक्रम आयोजक ग्राम प्रधान दयाराम रहे. कार्यक्रम स्थल पर एक तरफघराती जुटे तो दूसरी तरफ बाराती. सात

कन्याओं का विवाह हुआ.

सड़क किनारे लगे शीशम के पेड़ काटे

झांसी -मर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम खिलारा व कैथी के पहले सड़क किनारे लगे कीमती शीशम के सूखे पेड़ को गत रात्रि में अज्ञात लोगों द्वारा चोरी से काटकर ले गए. सुबह जब ग्रामीणजन टहलने गये तब शीशम का सूखा पेड़ निचे से कटा मिला इसके बाद भी संबंधित वन विभाग द्वारा इस ओर ध्यान नही दिया जा रहा है.

 

 

झाँसी  न्यूज़ डेस्क

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