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प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के दौरान भावुक हुईं वसुंधरा राजे, वीडियो में देखें झालावाड़ की जनता ने दिया प्यार

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राजमाता विजया राजे सिंधिया के सम्मान में आयोजित प्रतिमा अनावरण समारोह में आज एक भावुक दृश्य देखने को मिला। झालावाड़ स्थित राजमाता विजया राजे सिंधिया खेल संकुल में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जैसे ही अपनी मां की प्रतिमा का अनावरण किया, उनकी आंखें नम हो गईं और वे भावुक हो उठीं।

राजमाता को किया याद, साझा किए संस्मरण

अपने संबोधन में वसुंधरा राजे ने कहा कि "राजमाता विजया राजे सिंधिया केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं थीं, वे एक सिद्धांतवादी और निस्वार्थ जीवन जीने वाली प्रेरणा स्रोत थीं। उन्होंने कभी भी पद की लालसा नहीं रखी। पार्टी उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना चाहती थी, लेकिन उन्होंने वह अवसर भी ठुकरा दिया। जबकि उस दौर में उनके साथ काम करने वाले अधिकांश नेता उस पद को पाने की होड़ में थे।"

राजे ने कहा कि उनकी मां ने अपने सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया। राजनीति उनके लिए सेवा का माध्यम थी, न कि सत्ता प्राप्ति का साधन। यही कारण है कि आज भी उनका नाम सम्मान और श्रद्धा से लिया जाता है।

स्थानीय जनता और कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, बीजेपी कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जैसे ही प्रतिमा का अनावरण हुआ, पूरे मैदान में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। कई वरिष्ठ नेताओं ने राजमाता के योगदान को याद करते हुए उन्हें भारतीय राजनीति की "आदर्श महिला" बताया।

राजे के भाषण में झलका भावनात्मक जुड़ाव

वसुंधरा राजे का भाषण पूरी तरह से व्यक्तिगत भावनाओं से भरा हुआ था। उन्होंने कहा, "मेरे लिए ये प्रतिमा सिर्फ एक मूर्ति नहीं है, ये मेरी मां की जीवंत याद है। आज मैं यहां केवल एक पूर्व मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि एक बेटी के रूप में खड़ी हूं।"

स्थानीय विकास के लिए दिया आश्वासन

प्रतिमा अनावरण के साथ-साथ वसुंधरा राजे ने झालावाड़ क्षेत्र के विकास को लेकर भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राजमाता के नाम से बने इस खेल संकुल को राज्य के प्रमुख खेल केंद्रों में बदलने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

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