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Jamshedpur टीबी से मौत, पति ने शव लेने से किया इनकार, महिला की सात साल की बेटी को भी परिजनों ने छोड़ा
 

Jamshedpur टीबी से मौत, पति ने शव लेने से किया इनकार, महिला की सात साल की बेटी को भी परिजनों ने छोड़ा


झारखण्ड न्यूज़ डेस्क,  एमजीएम अस्पताल में टीबी से ग्रसित एक महिला की मौत के बाद संक्रमण के डर से उसके पति और परिजन लाश तक लेने नहीं आए. दो दिनों से महिला की लाश एमजीएम अस्पताल के मुर्दा घर में पड़ी है.
पति और परिजनों को भय है कि महिला की बीमारी उनलोगों को भी हो जाएगी. संवेदनहीनता की हद तब हो गई, जब महिला की सात साल की बेटी को भी उसके पिता व परिजनों ने छोड़ दिया. महिला की मौत के बाद दो दिनों से एमजीएम की नर्सें बच्ची का ख्याल रख रही थीं. गुरुवार तक जब बच्ची को भी लेने परिजन नहीं आए तो नर्सों ने इसकी जानकारी अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी को दी. उन्होंने साकची पुलिस को बुलाकर मामले से अवगत कराया. पुलिस ने महिला के परिजनों से फोन पर बात की, लेकिन सभी ने लाश लेने और बच्ची को रखने से इनकार कर दिया. तब चाइल्ड लाइन को फोन कर बच्ची को सौंप दिया गया. टीबी से मरने वाली महिला रीमा गोप (35) गोविंदपुर की रहने वाली थी.

पौने पांच माह से भर्ती थी, झांकने तक नहीं आया कोई रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके पति का नाम रवींद्र गोप है. 4 जुलाई 2022 को महिला को परिजनों ने एमजीएम में भर्ती कराया था और 20 नवंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. महिला को टीबी था. पौने पांच माह से महिला अपनी सात साल की बेटी के साथ अस्पताल में भर्ती थी. महिला की मौत के बाद बच्ची अनाथ हो गई. नर्सों ने बताया कि जितने दिन महिला अस्पताल में भर्ती रही, परिजन देखने तक नहीं आए. जिन दो परिजनों ने महिला को भर्ती कराया था, उनका फोन नंबर अस्पताल के रिकॉर्ड में था. मौत के बाद जब अस्पताल से उन नंबरों पर संपर्क किया गया तो कहा गया कि उन्हें लाश और बच्ची से कोई मतलब नहीं है.
तीसरी शादी की थी
रीमा ने तीन शादियां की थी. दो पति ने उसे छोड़ दिया था. तीसरी बार उसने रवींद्र गोप से अंतरजातीय विवाह कर लिया. इस बात से भी उसके परिजन नाराज थे. रवींद्र ठेका मजदूर है. बच्ची ने बताया कि उसका एक छोटा भाई अंकुश भी है, जो पिता के पास रहता है. महिला हितको गांव की रहने वाली थी

जमशेदपुर न्यूज़ डेस्क !!!

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