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Jamshedpur समझौते के बावजूद पुलिस के पास 150 मामले लंबित
 

Jamshedpur समझौते के बावजूद पुलिस के पास 150 मामले लंबित


झारखण्ड न्यूज़ डेस्क, अदालत में समझौते के आधार पर जमानत भी मिल गई, लेकिन उस समझौते के बारे में पुलिस को बताने पर भी केस खत्म नहीं होता. पुलिस इसमें जांच जारी है और कोर्ट उस समझौते पर क्या आदेश देता है, उसके बाद ही कार्रवाई होगी यह कहकर टालमटोल का रवैया अपनाने लगती है.

समझौते के बावजूद लगभग 150 मामले ऐसे हैं, जो पूर्वी सिंहभूम के विभिन्न थानों में लंबित हैं और अबतक अदालत में अंतिम प्रतिवेदन समर्पित नहीं किया गया है. ऐसे मामलों में अक्सर होता है कि कोर्ट में यदि समझौता हो जाता है तो पुलिस के पास दो विकल्प रहते हैं. एक तो इस मामले में आपसी समझौते का हवाला देते हुए उस केस को ही बंद कर दिया जाए. दूसरा विकल्प होता है कि जिसने केस किया है यदि वह समझौता कर लेता है तो उसके ऊपर ही उसी धारा के तहत केस दर्ज कर आरोप पत्र समर्पित किया जाए. लेकिन ऐसा करने के बावजूद पुलिस द्वारा मामले को लम्बा खींचा जाता है और गवाही की प्रक्रिया तक अपनाई जाती है, जिससे दोनों ही पक्ष परेशान रहते हैं.
इसमें अक्सर यह देखा जा रहा है कि जिस मामले में समझौता हो जाता है, उस मामले को पुलिस द्वारा लंबा खींचा जाता है. उसमें गवाही तक की प्रक्रिया अपनाई जाती है. यदि इसमें तत्काल ही पुलिस अंतिम प्रतिवेदन पेश कर देती है तो पुलिस के भी लंबित मामलों का निपटारा हो जाएगा और साथ ही दोनों ही पक्ष को राहत मिलेगी.
- गौरव पाठक, अधिवक्ता
वादी पहले केस करता है, उसके बाद अपने ही किए केस पर वह मुकर भी जाता है. इसके लिए न्याय प्रक्रिया में विकल्प है कि वादी पर ही केस किया जाए. लेकिन पुलिस कई मामलों में मानवीय पहलुओं को अपनाते हुए समझौते को मानते हुए केस को क्लोज करती है.
- अनिमेष गुप्ता, डीएसपी, अभियोजन सह पीसीआर

जमशेदपुर न्यूज़ डेस्क !!!

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