Samachar Nama
×

जालोर में अवैध खनन माफिया का तांडव, फुटेज में देंखे वनकर्मियों पर हमला, ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश

जालोर में अवैध खनन माफिया का तांडव, फुटेज में देंखे वनकर्मियों पर हमला, ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश

जिले के करड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत सांतरू वन क्षेत्र के पाल नाका इलाके में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों पर खनन माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। अवैध रूप से पत्थर से भरे ट्रैक्टर को रोकने पर चालक ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया, जिसके बाद 15 से 20 लोगों ने वनकर्मियों के साथ मारपीट की और ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

घटना बुधवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे की बताई जा रही है। रानीवाड़ा रेंज के अधीन पाल नाका क्षेत्र में वनपाल नाका प्रभारी रामनारायण विश्नोई अपनी टीम के वनरक्षक विकास विश्नोई, राकेश कुमार और ओमप्रकाश के साथ नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान वन क्षेत्र से अवैध रूप से बाडू पत्थर से भरा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली आता दिखाई दिया। टीम ने ट्रैक्टर को रुकवाकर चालक से पूछताछ शुरू की।

पूछताछ के दौरान ट्रैक्टर चालक ने मौके से ही फोन कर अपने परिचितों को बुला लिया। कुछ ही देर में 15 से 20 लोग मौके पर पहुंच गए और अचानक वनकर्मियों पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडों से मारपीट की और ट्रैक्टर को कर्मचारियों पर चढ़ाने की कोशिश की। वनकर्मियों ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई।

हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग और करड़ा पुलिस हरकत में आई। पीड़ित वनकर्मियों की शिकायत पर करड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वहीं, वन विभाग ने भी इस घटना को गंभीर मानते हुए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सांतरू और पाल नाका क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की गतिविधियां चल रही हैं। वन विभाग द्वारा समय-समय पर कार्रवाई किए जाने के बावजूद खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों से पत्थर और अन्य खनिजों का अवैध दोहन कर रहा है। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और वनकर्मियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों पर हमला करना गंभीर अपराध है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई तेज करने की बात कही है।

पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की भी तैयारी की जा रही है।

इस घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश है और उन्होंने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना पर्याप्त सुरक्षा के अवैध खनन रोकना जान जोखिम में डालने जैसा है।

Share this story

Tags