पश्चिमी विक्षोभ से जैसलमेर में मावठ ने खेतों को नया जीवन दिया, किसानों में खुशी की लहर
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से सीमांत जिले जैसलमेर में मावठ की बारिश ने खड़ी फसलों को नया जीवन दे दिया है। पिछले कई दिनों से शुष्क मौसम और सीमित सिंचाई संसाधनों के बीच संघर्ष कर रहे किसान अब इस बारिश को किसी वरदान से कम नहीं मान रहे।
किसानों ने बताया कि लंबे समय तक सूखे और कठिन मौसम के बाद हुई यह बारिश उनके लिए राहत की खबर है। खासकर गेहूं, बाजरा और मूंगफली जैसी फसलें जिनकी सिंचाई मुश्किल हो रही थी, अब पानी मिलने से तृप्त हो गई हैं और खेतों में हरियाली लौट आई है। किसानों का कहना है कि अगर इसी प्रकार का मौसम बना रहा, तो यह साल उनकी पैदावार के लिए बहुत ही लाभकारी साबित होगा।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते हुई यह मावठ सामान्य बारिश के मुकाबले अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण मिट्टी में नमी बढ़ी है और फसलों के बढ़ने की प्रक्रिया में तेजी आई है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह खेतों में उचित देखभाल और समय पर खाद-पानी देने का ध्यान रखें ताकि फसलें पूरी तरह से लभकारी हों।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी बताया कि यह बारिश उनके जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है। लंबे समय तक सूखे और पानी की कमी से परेशान ग्रामीण अब राहत की सांस ले रहे हैं। पानी की कमी के कारण कई किसानों को अपनी फसलें बचाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही थी, लेकिन अब उन्हें उम्मीद है कि उनकी मेहनत रंग लाएगी।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है और जिले के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वह मौसम के अनुसार अपनी फसलों की देखभाल करें और जल संरक्षण के उपाय अपनाएं।
किसानों ने बताया कि पिछले कुछ सालों में सीमांत इलाके में पानी की कमी और बेमौसम बारिश ने कृषि गतिविधियों को प्रभावित किया था। लेकिन इस बार की मावठ ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। विशेषकर युवा किसान जो खेती में नए प्रयोग कर रहे हैं, अब वे इस वर्ष की फसल को लेकर उत्साहित हैं।
जैसलमेर जिले के कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस बारिश से न केवल फसलें तृप्त होंगी बल्कि जमीन में पानी की स्थिति भी बेहतर होगी, जिससे आगामी फसल सीजन में सिंचाई पर बोझ कम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बारिश का लाभ तब ही पूरी तरह से उठाया जा सकता है, जब किसान भूमि की देखभाल, उचित पोषण और सिंचाई के संतुलित उपाय अपनाएं।
इस प्रकार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हुई मावठ ने जैसलमेर के किसानों के चेहरे पर खुशी और खेतों में हरियाली दोनों ही लौटाई हैं। सीमांत इलाके के किसान अब आशा कर रहे हैं कि वर्षा का यह सिलसिला फसलों की पैदावार और उनके जीवन स्तर में सुधार का माध्यम बने।

