राजस्थान में कालबेलिया डांस की गरिमा पर संकट? वीडियो में देखें कालबेलिया ड्रेस पहन कर रहे आइटम सॉन्ग, सोर्ट में परोस रहे शराब
राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर कालबेलिया डांस और उसकी पारंपरिक पोशाक को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जैसलमेर के कई रिसॉर्ट्स में इस डांस फॉर्म की आड़ में अश्लीलता किए जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय कालबेलिया समाज ने इसे अपनी संस्कृति पर बड़ा हमला बताते हुए कड़ा विरोध जताया है।
समाज का कहना है कि कुछ टूर ऑपरेटर और होटल संचालक विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने और अधिक मुनाफा कमाने के लिए कालबेलिया कला का बेहद गलत उपयोग कर रहे हैं। पहले जहां पारंपरिक संगीत और लोक-संस्कृति की झलक मिलती थी, वहीं अब यह कला नाइट शो और आइटम सॉन्ग के रंग में रंगती दिख रही है।
पोशाक पहनाकर लड़कों से करवाया जा रहा आइटम डांस
कालबेलिया समाज के लोगों ने खुलासा किया कि पारंपरिक ड्रेस पहनाकर लड़कों से आइटम सॉन्ग पर डांस करवाया जा रहा है डांस शो के दौरान शराब परोसी जा रही है अश्लील गाने और स्टेप कराए जा रहे हैं कालबेलिया नाम का गलत प्रचार कर पर्यटकों को गुमराह किया जा रहा है समाज का कहना है कि यह कालबेलिया डांस की मौलिकता और उसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान के साथ खिलवाड़ है।
महिला कलाकारों में रोष, गरिमा की रक्षा की मांग
कालबेलिया परिवारों की महिलाएं, जो लोकनृत्य के माध्यम से वर्षों से राजस्थान की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती आई हैं, उन्होंने इसे गहरी अपमानजनक हरकत बताया है। उन्होंने कहा “कालबेलिया डांस एक सम्मानित लोकनृत्य है, इसे अश्लीलता से जोड़ना हमारी संस्कृति का अपमान है। हम इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।” इन कलाकारों ने जिलाधिकारी और पर्यटन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा— “चाहे इसे हमारी धमकी समझो या निवेदन… लेकिन अगर ये कार्यक्रम तुरंत बंद नहीं किए गए, तो हम कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर पर्यटन व्यवसाय को बढ़ाना है, तो सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए किया जाए। नृत्य कलाकारों का कहना है कि अश्लीलता से पर्यटकों को भले ही क्षणिक मनोरंजन मिले, लेकिन इससे राजस्थान की ऐतिहासिक प्रतिष्ठा क्षतिग्रस्त हो रही है।
कालबेलिया की वैश्विक पहचान
कालबेलिया को यूनेस्को ने 2010 में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया था
यह डांस नाग-वंशीय कालबेलिया समाज की सांस्कृतिक पहचान है
इसकी पोशाक, संगीत, और लय लोककला की अनमोल धरोहर मानी जाती है
कला जगत का कहना है कि इसे अश्लील मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत करना पूरे राजस्थान और देश की कला संस्कृति को बदनाम करना है।
पर्यटन के नाम पर लूट या सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण?
राजस्थान में पर्यटन उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन परंपरा और व्यवसाय के बीच टकराव भी बढ़ने लगा है। यह मामला अब सरकार और प्रशासन के लिए अहम परीक्षा बन चुका है—
क्या वे संस्कृति की मर्यादा बचा पाएंगे?
या पर्यटन की आड़ में लोककला की छवि धूमिल होती रहेगी?
कालबेलिया समाज का कहना है कि वे जल्द ही सरकार के सामने ज्ञापन सौंपेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी करेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों तक शुद्ध और सम्मानित लोककला पहुंच सके।

