एसआई भर्ती फर्जीवाड़े में एसडीएम गिरफ्तार, वीडियो में देखें डमी कैंडिडेट बनकर दी थी परीक्षा
राजस्थान में सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा में हुए फर्जीवाड़े का मामला अब बड़े अधिकारियों तक पहुंच गया है। इस घोटाले में प्रदेश में पहली बार किसी एसडीएम (उपखंड अधिकारी) की गिरफ्तारी हुई है। राज्य की एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने जैसलमेर जिले के फतेहगढ़ एसडीएम हनुमान राम को गिरफ्तार कर इस मामले में नया मोड़ ला दिया है।
हनुमान राम पर आरोप है कि उन्होंने डमी कैंडिडेट बनकर नरपतराम नामक अभ्यर्थी की जगह स्वयं परीक्षा दी थी। यह मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
कैसे सामने आया फर्जीवाड़ा
एसओजी को इस परीक्षा से जुड़े कुछ संदिग्ध मामलों की जांच के दौरान सूचना मिली कि जैसलमेर के एक वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका भी इसमें संदिग्ध है। जब जांच आगे बढ़ी तो यह खुलासा हुआ कि एसडीएम हनुमान राम ने ही परीक्षा में नरपतराम के स्थान पर बैठकर उत्तर पुस्तिका भरी थी।
जांच में तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के बाद एसओजी ने पूरी तैयारी के साथ उन्हें गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में कुछ और सरकारी कर्मचारियों और दलालों की संलिप्तता की भी संभावना है।
प्रशासनिक सेवा पर सवाल
इस घटना ने प्रशासनिक सेवा की साख पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक एसडीएम स्तर के अधिकारी का इस तरह से प्रतियोगी परीक्षा में डमी बनकर शामिल होना, न केवल नैतिक पतन को दर्शाता है, बल्कि यह सरकारी व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और नैतिक शिथिलता का भी प्रतीक बन गया है।
एसडीएम जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से यह उम्मीद की जाती है कि वह कानून का पालन कराने वाला हो, न कि स्वयं कानून तोड़ने वाला। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी पूरे प्रदेश में प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ सकती है।
एसओजी की सक्रियता रंग लाई
एसओजी ने बीते कुछ महीनों में राजस्थान की कई बड़ी भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के मामलों को उजागर किया है। सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में पहले भी डमी कैंडिडेट, पेपर लीक, नेटवर्किंग गैंग जैसे कई खुलासे हो चुके हैं, लेकिन इस बार मामला तब और गंभीर हो गया जब एक राजपत्रित अधिकारी ही आरोपित पाया गया।
एसओजी के अधिकारी ने बताया कि हनुमान राम को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा और रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क की जानकारी ली जाएगी।

