जैसलमेर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' में भरी उड़ान, देश को गर्व
राजस्थान का जैसलमेर जिला आज एक ऐतिहासिक सैन्य गौरव का गवाह बना। देश की राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने आज जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर स्वदेशी ताकत के नवीनतम प्रतीक, हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) 'प्रचंड' में उड़ान भरी। यह अवसर न केवल भारतीय वायु सेना के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे देश के लिए आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं की नई उपलब्धि को भी दर्शाता है।
हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित किया गया है। इसे विशेष रूप से रेगिस्तानी और ऊंचाई वाली क्षेत्रों की कठिन परिस्थितियों के लिए डिजाइन किया गया है। हेलीकॉप्टर को सियाचिन जैसी दुर्गम ऊंचाइयों, थार के रेगिस्तान की तपिश, और सीमावर्ती क्षेत्रों में दुश्मनों के खिलाफ सटीक और प्रभावी अभियानों के लिए तैयार किया गया है। इसके अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों और उन्नत उड़ान क्षमताओं के कारण यह भारतीय वायु सेना की ताकत में चार चाँद लगाने वाला साबित होगा।
राष्ट्रपति ने हेलीकॉप्टर की उड़ान से पहले वायुसेना अधिकारियों और इंजीनियरों से मुलाकात की और उन्हें इस परियोजना में उनके योगदान के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, “देश की सुरक्षा के क्षेत्र में यह स्वदेशी प्रयास न केवल हमारी आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है, बल्कि यह हमारे सैनिकों के लिए भी ताकत और आत्मविश्वास का स्रोत है। 'प्रचंड' हेलीकॉप्टर हमारे लड़ाकू बेड़े में नई शक्ति जोड़ने के साथ ही तकनीकी उत्कृष्टता का प्रतीक है।”
जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर आयोजित इस कार्यक्रम में भारत की रक्षा और तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के दौरान 'प्रचंड' हेलीकॉप्टर की उड़ान और उसके हथियार प्रणाली के प्रदर्शन ने सभी अधिकारियों और उपस्थित मेहमानों का ध्यान आकर्षित किया। भारतीय वायु सेना के अधिकारियों ने बताया कि हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर का वजन कम, लेकिन मारक क्षमता अत्यधिक है। यह दुश्मनों के लिए अप्रत्याशित खतरा पैदा कर सकता है और सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक बढ़त प्रदान करेगा।
HAL ने इस हेलीकॉप्टर के विकास में कई नई तकनीकों का इस्तेमाल किया है, जिनमें उच्च तापमान सहनशील इंजन, उन्नत नेविगेशन सिस्टम और सटीक हथियार नियंत्रण प्रणाली शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 'प्रचंड' न केवल भारत की सीमा सुरक्षा को सशक्त करेगा, बल्कि यह विदेशी बाजारों में भी प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम होगा।
जैसलमेर के स्थानीय लोग और मीडिया प्रतिनिधि इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उड़ान और 'प्रचंड' हेलीकॉप्टर के प्रदर्शन ने पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह की लहर दौड़ा दी। देशवासियों के लिए यह एक यादगार दिन है, जब भारत ने अपनी सैन्य क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखा।
इस प्रकार, हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' की उड़ान सिर्फ एक तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि भारत की रक्षा ताकत और स्वदेशी रक्षा उद्योग की प्रगति का प्रतीक बन गई है। जैसलमेर से यह संदेश गया कि देश अपने सैनिकों और सीमाओं की सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार है।

