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एलपीजी मुद्दे पर सियासत तेज: सालेह मोहम्मद का तंज—‘अब सिलेंडर को भी देना होगा ग्रीन कॉरिडोर’

एलपीजी मुद्दे पर सियासत तेज: सालेह मोहम्मद का तंज—‘अब सिलेंडर को भी देना होगा ग्रीन कॉरिडोर’

राजस्थान में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता और बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच प्रदेश के पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद ने सरकार पर तंज कसते हुए व्यंग्यात्मक टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि मंत्रियों की तरह गैस सिलेंडर को भी एस्कॉर्ट और ग्रीन कॉरिडोर देना पड़ेगा।

सालेह मोहम्मद ने यह बयान उस समय दिया जब राज्य में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति और कीमतों को लेकर सियासत गरमाई हुई है। उन्होंने कहा, “अब मंत्रियों की तरह सिलेंडर को भी एस्कॉर्ट और ग्रीन कॉरिडोर देना होगा। मैंने सुना है कि सरकार इसकी तैयारी कर रही है।” उनके इस बयान को सरकार की नीतियों पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि आम लोगों के लिए रसोई गैस का सिलेंडर हासिल करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। बढ़ती कीमतों और आपूर्ति को लेकर सामने आ रही शिकायतों के कारण लोगों की परेशानी बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन समस्याओं को गंभीरता से लेने के बजाय केवल बयानबाजी में व्यस्त है।

सालेह मोहम्मद ने कहा कि रसोई गैस हर घर की जरूरत है और इसकी कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवारों की रसोई पर पड़ता है। उनका कहना था कि गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए सिलेंडर खरीदना पहले की तुलना में ज्यादा महंगा हो गया है, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

इससे पहले कांग्रेस ने भी राज्यभर में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों और कथित किल्लत को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। राजधानी जयपुर समेत कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जयपुर में तो कार्यकर्ताओं ने सिलेंडर की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर विरोध जताया और पुतला दहन किया।

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी इन आरोपों को खारिज कर रही है। पार्टी का कहना है कि देश में गैस, पेट्रोल और डीजल की किसी तरह की कमी नहीं है और विपक्ष बेवजह लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एलपीजी सिलेंडर की कीमतों और उपलब्धता को लेकर शुरू हुई यह बहस अब धीरे-धीरे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले चुकी है। एक तरफ विपक्ष महंगाई और आम लोगों की परेशानियों का मुद्दा उठा रहा है, तो वहीं सत्तारूढ़ दल इन आरोपों को निराधार बता रहा है।

फिलहाल इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी जारी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मामले पर क्या कदम उठाती है और आम लोगों को किस तरह की राहत मिलती है।

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