दौसा में पंचायत चुनाव: 8 पंचायत समितियों में वोटिंग, वीडियो में देंखे मतदान केंद्र पर बुजुर्ग की मौत; लोकगीत गाते हुए वोट डालने पहुंचीं महिलाएं
दौसा जिले में पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण के तहत मंगलवार को 8 पंचायत समितियों में मतदान हुआ। लालसोट, लवाण, नांगल राजावतान, रामगढ़ पचवारा, शिवसिंहपुरा, दौसा, सिकंदरा और सिकराय पंचायत समिति क्षेत्रों में शाम 6 बजे तक वोट डाले गए। इस चरण में जिला परिषद के 24 और पंचायत समिति के 142 वार्डों के लिए मतदान हुआ।
मतदान के दौरान जिले में एक दुखद घटना भी सामने आई। पालावास ग्राम पंचायत के मतदान केंद्र पर वोट डालने के लिए लाइन में लगे एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। वहीं, सिकंदरा क्षेत्र के सरूण्डला गांव में महिलाएं लोकगीत गाते हुए मतदान करने पहुंचीं। महिलाओं के उत्साह के बीच पूर्व कैबिनेट मंत्री ममता भूपेश भी ताली बजाती नजर आईं।
वोट डालने के लिए लाइन में लगे हरगोविंद गुर्जर की मौत
दौसा जिले की पालावास ग्राम पंचायत के मतदान केंद्र पर पाड़ली कलां निवासी हरगोविंद गुर्जर वोट डालने के लिए लाइन में खड़े थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया।अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद हरगोविंद गुर्जर को मृत घोषित कर दिया। मतदान के लिए पहुंचे व्यक्ति की मौत की खबर से वहां मौजूद लोगों में शोक का माहौल हो गया।
लोकगीत गाते और नाचते हुए मतदान करने पहुंचीं महिलाएं
सिकंदरा पंचायत समिति क्षेत्र के सरूण्डला गांव में मतदान के दौरान अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां महिलाएं पारंपरिक लोकगीत गाते हुए समूह में वोट डालने पहुंचीं। महिलाएं गीत गाते हुए नाचने लगीं। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री ममता भूपेश भी उनके साथ ताली बजाती नजर आईं।महिलाओं के इस उत्साह ने मतदान केंद्र पर माहौल को खुशनुमा बना दिया। पारंपरिक गीतों के साथ मतदान करने पहुंची महिलाओं की यह तस्वीर चर्चा का विषय रही।
8 पंचायत समिति क्षेत्रों में 3 हजार पुलिसकर्मी तैनात
मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। दौसा के एएसपी शंकर लाल मीणा ने बताया कि जिले के आठ पंचायत समिति क्षेत्रों को तीन जोन में बांटा गया था। इन क्षेत्रों में करीब 3 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना मिलने पर क्विक रिस्पांस टीम को पांच मिनट के भीतर मौके पर पहुंचने और स्थिति नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन का उद्देश्य जिले में मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना था।

