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जैसलमेर बनेगा देश का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी हब, UAE करेगा 3 लाख करोड़ का निवेश, वीडियो में जाने 4 करोड़ घरों को मिलेगी बिजली

जैसलमेर बनेगा देश का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी हब, UAE करेगा 3 लाख करोड़ का निवेश, वीडियो में जाने 4 करोड़ घरों को मिलेगी बिजली

राजस्थान का Jaisalmer अब देश के सबसे बड़े ग्रीन एनर्जी हब के रूप में उभरने जा रहा है। भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे घोटारू क्षेत्र में 60 गीगावाट क्षमता वाला विशाल सोलर, विंड और हाइब्रिड एनर्जी प्रोजेक्ट विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सरकार करीब 3 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी।जानकारी के अनुसार यह मेगा प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया अबू धाबी यात्रा के बाद अंतिम रूप में पहुंचा है। इस परियोजना को भारत और UAE के बीच ऊर्जा सहयोग के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

करीब 1 लाख 50 हजार हेक्टेयर भूमि पर बनने वाला यह प्रोजेक्ट पश्चिमी राजस्थान के विकास की तस्वीर बदल सकता है। परियोजना के तहत सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और हाइब्रिड तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे बड़े पैमाने पर स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन होगा।विशेषज्ञों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट से तैयार होने वाली बिजली लगभग 4 करोड़ घरों की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त होगी। यह भारत के ग्रीन एनर्जी मिशन और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में भी बड़ा योगदान माना जा रहा है।

इस परियोजना से पश्चिमी राजस्थान में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है। निर्माण कार्य से लेकर संचालन और रखरखाव तक हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता है। स्थानीय स्तर पर सड़क, बिजली और अन्य आधारभूत ढांचे का भी तेजी से विकास होने की संभावना है।सूत्रों के अनुसार अब UAE की ओर से इस प्रोजेक्ट के लिए डेवलपर नियुक्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके बाद जमीन आवंटन, तकनीकी सर्वे और निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान पहले से ही सौर ऊर्जा उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। जैसलमेर और आसपास के क्षेत्रों में सालभर तेज धूप और अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियां बड़े स्तर पर ग्रीन एनर्जी उत्पादन के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती हैं।राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों इस परियोजना को रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में इस स्तर का निवेश क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा दोनों को मजबूती देगा। फिलहाल इस मेगा प्रोजेक्ट की घोषणा के बाद राजस्थान में उत्साह का माहौल है। इसे राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में भारत को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला सकती है।

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