जैसलमेर LDC भर्ती पेपर लीक मामला: फुटेज में देंखे मुख्य आरोपी पदमसिंह और मनु कंवर को मिली जमानत, मेडिकल जांच के भी आदेश
राजस्थान के चर्चित एलडीसी भर्ती परीक्षा नकल (पेपर लीक) मामले में मुख्य आरोपियों पदमसिंह और मनु कंवर को अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें सशर्त रिहा करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही, आरोपियों द्वारा पुलिस हिरासत में प्रताड़ना के लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल जांच कराने के भी निर्देश दिए हैं।
एक लाख के निजी मुचलके पर मिली जमानत
अदालत ने मुख्य आरोपी पदमसिंह को एक लाख रुपये के निजी मुचलके तथा 50-50 हजार रुपये की दो जमानतों पर रिहा करने का आदेश दिया है। इसी मामले में आरोपी मनु कंवर को भी अदालत ने जमानत प्रदान की है।कोर्ट के आदेश के बाद दोनों आरोपियों की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है, हालांकि उन्हें न्यायालय द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पालन करना होगा।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से अदालत में दावा किया गया कि उन्हें एफआईआर दर्ज होने से पहले ही अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और पूछताछ के दौरान प्रताड़ित किया गया। बचाव पक्ष ने अदालत से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।इन आरोपों पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आरोपियों की मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा सके।
चर्चित रहा है LDC भर्ती नकल मामला
जैसलमेर का एलडीसी भर्ती परीक्षा नकल मामला राजस्थान के चर्चित भर्ती घोटालों में शामिल रहा है। इस मामले में भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं, नकल और पेपर लीक से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस ने जांच के दौरान कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, जिनमें पदमसिंह और मनु कंवर को मुख्य आरोपी माना गया।
जांच जारी रहेगी
अदालत से जमानत मिलने के बावजूद मामले की जांच जारी रहेगी। पुलिस अब भी भर्ती परीक्षा से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।वहीं, अदालत के मेडिकल जांच के आदेश के बाद अब यह भी स्पष्ट होगा कि आरोपियों द्वारा पुलिस प्रताड़ना और अवैध हिरासत को लेकर लगाए गए आरोपों में कितना दम है।फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले में अदालत के फैसले के बाद कानूनी प्रक्रिया एक नए चरण में पहुंच गई है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगामी न्यायिक कार्यवाही पर टिकी हुई है।

