नेता प्रतिपक्ष जूली ने सरकार पर साधा निशाना, वीडियो में जानें सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित अलवर दौरे से पहले जिले की राजनीति में गर्माहट आ गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। जूली ने कहा कि वर्तमान सरकार लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर विपक्ष के जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने की राजनीति कर रही है।
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए जूली ने कहा, “पहले बीजेपी की सरकार ने एमपी-एमएलए से जबरन इस्तीफे दिलवाने की साजिशें कीं, और अब सरस डेयरी के डायरेक्टरों से इस्तीफा दिलवाकर औछी राजनीति की जा रही है। यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को दबाव में लेने का प्रयास कर रही है, ताकि हर जगह केवल एक ही पार्टी के लोग नजर आएं।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जनता के मुद्दों से भटकाने के लिए इस तरह की राजनीतिक गतिविधियां कर रही है। “न किसान खुश है, न युवा और न ही व्यापारी। महंगाई और बेरोजगारी पर कोई जवाब नहीं है, और सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है,” जूली ने कहा।
उन्होंने सरस डेयरी के निदेशकों से इस्तीफा लेने को लेकर कहा कि यह क्षेत्रीय स्वायत्त संस्थाओं की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप है। जूली ने सरकार से मांग की कि वह इस तरह के दखल से परहेज़ करे और जनता के मूलभूत मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दौरे को लेकर भी जूली ने तंज कसा और कहा कि “मुख्यमंत्री केवल औपचारिक यात्राएं कर रहे हैं, जिनका जनता से कोई सरोकार नहीं है। विकास के नाम पर केवल नारों और उद्घाटनों का खेल चल रहा है।”
टीकाराम जूली के बयान के बाद जिले की सियासत में हलचल तेज हो गई है। वहीं, बीजेपी की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष का बयान निराधार और तथ्यहीन है।
मुख्यमंत्री का अलवर दौरा राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है। देखना होगा कि भजनलाल शर्मा अपने दौरे में इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और जनता को क्या संदेश देते हैं।

