राजस्थान में फाल्गुनी हवा से मौसम शुष्क, पश्चिमी विक्षोभ के चलते 31 जिलों में येलो अलर्ट
राजस्थान में फाल्गुनी हवा चलने से मौसम का मिजाज शुष्क हो गया है और रात के तापमान में अब सर्दी के तेवर नर्म पड़ गए हैं। इसके बावजूद मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, 17 और 18 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज झोंकेदार हवा चलने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में मध्यम से तेज बारिश की संभावना भी जताई गई है। इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने 31 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फाल्गुनी हवा आमतौर पर ठंड के मौसम के अंत और गर्मी के प्रारंभ के समय चलती है, जिससे प्रदेश में मौसम शुष्क और साफ रहता है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के असर से कुछ क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं का प्रभाव भी दिख सकता है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे खुले क्षेत्रों में तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहें और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। इसके अलावा, बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति में बिजली गिरने और पेड़ों के गिरने से होने वाले हादसों से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी है।
राजस्थान के शहरी और ग्रामीण इलाकों में मौसम का यह बदलाव लोगों की दिनचर्या पर भी असर डाल सकता है। रात का तापमान हल्का गर्म होने से कई लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन तेज हवा और बारिश की संभावना के चलते मौसम के प्रति सतर्क रहना जरूरी है।
मौसम विज्ञानियों ने कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते हवा की गति 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है और कुछ क्षेत्रों में बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की भी संभावना है। ऐसे में नागरिकों से अपील की गई है कि वे बिना जरूरत के यात्रा न करें और सुरक्षा उपाय अपनाएं।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में बारिश और हवा के संभावित असर को देखते हुए प्रशासन ने भी अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। स्कूल और कॉलेजों में विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन ग्रामीण और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षा उपाय अपनाने के लिए कहा गया है।

