वीडियो में देखें जयपुर में पहली बार आर्मी डे परेड, घने कोहरे और कड़ाके की सर्दी में चल रही भव्य प्रैक्टिस
राजस्थान की राजधानी जयपुर में इतिहास रचने की तैयारी चल रही है। पहली बार जयपुर में आयोजित हो रही आर्मी डे परेड को लेकर जोर-शोर से प्रैक्टिस की जा रही है। कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के बावजूद भारतीय सेना का अनुशासित मार्च और आधुनिक सैन्य ताकत का अभ्यास लोगों को रोमांचित कर रहा है। गुलाबी शहर में सेना के शौर्य और शक्ति का यह अद्भुत नजारा देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह नजर आ रहा है।
आर्मी डे परेड की तैयारियों के तहत इन दिनों सुबह-सुबह जयपुर के आसमान और सड़कों पर सैन्य गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। प्रैक्टिस के दौरान लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों की फ्लाई-पास्ट की जा रही है, जो कोहरे के बीच आकाश में गर्जना करते हुए गुजरते हैं। इसके साथ ही थल सेना की विभिन्न सैन्य टुकड़ियों का मार्च, टैंक, मिसाइल सिस्टम, ड्रोन तकनीक और आधुनिक युद्ध क्षमताओं के प्रदर्शन का भी अभ्यास किया जा रहा है।
घने कोहरे के बीच जब सैन्य सुरक्षा बलों की अलग-अलग टुकड़ियां फ्लैग मार्च करती हुई आगे बढ़ती हैं, तो यह दृश्य लोगों में देशभक्ति का जोश भर देता है। सेना के जवान पूरी मुस्तैदी और अनुशासन के साथ अभ्यास में जुटे हुए हैं। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद जवानों के हौसले में कोई कमी नजर नहीं आ रही है, जो उनकी कठोर ट्रेनिंग और समर्पण को दर्शाता है।
आर्मी डे परेड का मुख्य आयोजन 15 जनवरी को जयपुर के जगतपुरा महल रोड पर आयोजित किया जाएगा। इससे पहले 9, 11 और 13 जनवरी को इसकी फुल ड्रेस रिहर्सल होगी। ये रिहर्सल सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएंगी। खास बात यह है कि इन रिहर्सल को आम जनता भी देख सकेगी। इसके लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि लोग सुरक्षित तरीके से इस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बन सकें।
प्रशासन और सेना के अधिकारियों के अनुसार, हर रिहर्सल और मुख्य परेड में करीब डेढ़ लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में दर्शकों को देखते हुए ट्रैफिक, सुरक्षा और पार्किंग की विशेष व्यवस्था की जा रही है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
जयपुर में पहली बार हो रही आर्मी डे परेड न सिर्फ शहर के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह पूरे देश को भारतीय सेना की ताकत, तकनीकी क्षमता और अनुशासन का संदेश भी देगी। आधुनिक युद्ध तकनीकों के प्रदर्शन के साथ यह आयोजन आने वाली पीढ़ी को सेना के प्रति प्रेरित करने का भी काम करेगा। गुलाबी शहर में सेना का यह भव्य आयोजन लंबे समय तक लोगों की यादों में बना रहेगा।

