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वीडियो में देखें जयपुर के वाटिका क्षेत्र में लेपर्ड की दहशत, ढाई महीने में 11वीं बार आबादी में दिखा

वीडियो में देखें जयपुर के वाटिका क्षेत्र में लेपर्ड की दहशत, ढाई महीने में 11वीं बार आबादी में दिखा

राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक बार फिर लेपर्ड की मौजूदगी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जयपुर के वाटिका इलाके के रिहायशी क्षेत्र में लेपर्ड नजर आने से स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया है। खास बात यह है कि बीते ढाई महीनों में यह 11वीं बार है जब लेपर्ड जयपुर के आबादी वाले इलाके में घुसा है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन विभाग और प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है।

ताजा मामला जयपुर के वाटिका क्षेत्र स्थित मोहन नगर कॉलोनी का है, जहां लेपर्ड का मूवमेंट एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। सामने आए फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि लेपर्ड देर रात एक मकान के बाहर पहुंचता है और सीढ़ियों से होते हुए घर के भीतर चला जाता है। यह दृश्य देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो सकते हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि यह सीसीटीवी फुटेज करीब दो दिन पुराना है, लेकिन इसके सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि फुटेज देखने के बाद वे अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर लोग ज्यादा चिंतित हैं। मोहन नगर और आसपास की कॉलोनियों में लोग समूह में रहने को मजबूर हो गए हैं और रात के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बच रहे हैं। कई लोगों ने प्रशासन से इलाके में गश्त बढ़ाने और लेपर्ड को जल्द पकड़ने की मांग की है।

सीसीटीवी फुटेज की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। वन विभाग की ओर से आसपास के क्षेत्र में पगमार्क तलाशे जा रहे हैं और लेपर्ड की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त कैमरे और ट्रैप लगाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की गई है।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जयपुर के आसपास के जंगलों और अरावली क्षेत्र में लेपर्ड की संख्या बढ़ने के कारण वे भोजन और पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर आ रहे हैं। तेजी से हो रहे शहरीकरण और जंगलों के सिमटने से भी वन्यजीवों का मूवमेंट आबादी की ओर बढ़ा है। यही वजह है कि बीते ढाई महीनों में 11 बार लेपर्ड के आबादी वाले इलाकों में देखे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले भी जयपुर के झालाना, विद्याधर नगर, जगतपुरा और अन्य क्षेत्रों में लेपर्ड दिखाई देने की घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ मामलों में लेपर्ड ने पालतू जानवरों को भी शिकार बनाया था, जिससे लोगों में डर और ज्यादा बढ़ गया था।

फिलहाल वन विभाग की टीमें इलाके में लगातार निगरानी कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और लेपर्ड को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। तब तक स्थानीय निवासियों को सावधानी बरतने, रात के समय बाहर न निकलने और बच्चों को अकेला न छोड़ने की सलाह दी गई है। जयपुर में बढ़ती लेपर्ड की दस्तक अब एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिस पर स्थायी समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है।

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