Samachar Nama
×

वीडियो में देखें जयपुर मॉडल बना रोल मॉडल, लैंड पूलिंग योजना को प्रदेशभर में लागू करने की तैयारी

वीडियो में देखें जयपुर मॉडल बना रोल मॉडल, लैंड पूलिंग योजना को प्रदेशभर में लागू करने की तैयारी

जयपुर के सुनियोजित और व्यवस्थित विकास की दिशा में जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा की गई पहल अब प्रदेश के अन्य जिलों के लिए उदाहरण बनती जा रही है। राज्य की पहली लैंड पूलिंग योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद जेडीए अब अन्य विकास प्राधिकरणों और नगर विकास न्यासों के लिए रोल मॉडल के रूप में उभरा है। इसी क्रम में शुक्रवार को जेडीए के मंथन सभागार में एक विशेष ओरिएंटेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जयपुर में लागू की गई लैंड पूलिंग योजना के अनुभव, प्रक्रिया और इसके सकारात्मक परिणामों को प्रदेश के अन्य जिलों के अधिकारियों के साथ साझा करना था। दरअसल, राज्य सरकार जयपुर की तर्ज पर अन्य शहरों में भी लैंड पूलिंग योजना को लागू करना चाहती है, ताकि शहरी विकास को सुनियोजित, पारदर्शी और टिकाऊ बनाया जा सके।

कार्यशाला में अजमेर, भरतपुर, उदयपुर और बीकानेर विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ भीलवाड़ा और अलवर नगर विकास न्यास के वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। जेडीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन के जरिए जयपुर मॉडल की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि किस तरह भूमि मालिकों की सहमति से विकास कार्यों को अंजाम दिया गया।

जेडीए अधिकारियों ने बताया कि लैंड पूलिंग योजना के तहत किसानों और भू-स्वामियों की जमीन को एकीकृत कर योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया गया। इसके बाद विकसित भूमि का एक हिस्सा वापस भू-स्वामियों को दिया गया, जिससे उन्हें पहले की तुलना में अधिक मूल्यवान प्लॉट प्राप्त हुए। वहीं, प्राधिकरण को सड़कों, पार्कों, सार्वजनिक सुविधाओं और आवासीय क्षेत्रों के विकास के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो सकी।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि जयपुर में इस योजना को लागू करते समय पारदर्शिता और संवाद को प्राथमिकता दी गई। भूमि मालिकों के साथ लगातार बैठकें की गईं और उनकी शंकाओं का समाधान किया गया। इसी कारण यह योजना बिना बड़े विवाद के सफल रही।

कार्यशाला के दौरान अन्य जिलों के अधिकारियों ने भी लैंड पूलिंग योजना को लेकर सवाल पूछे और अपने-अपने क्षेत्रों में इसे लागू करने की संभावनाओं पर चर्चा की। अधिकारियों का मानना है कि इस योजना से अनियोजित कॉलोनियों पर रोक लगेगी और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सकेगा।

राज्य सरकार का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच लैंड पूलिंग योजना एक प्रभावी समाधान है, जिससे शहरों का विस्तार योजनाबद्ध ढंग से किया जा सकता है। जयपुर मॉडल की सफलता के बाद सरकार अब इसे प्रदेश के अन्य शहरों में लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

कार्यशाला के अंत में जेडीए अधिकारियों ने भरोसा जताया कि भविष्य में भी वे अन्य विकास प्राधिकरणों को तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग प्रदान करेंगे। माना जा रहा है कि आने वाले समय में लैंड पूलिंग योजना राजस्थान के शहरी विकास की तस्वीर बदल सकती है और जयपुर इस बदलाव का मार्गदर्शक बना रहेगा।

Share this story

Tags