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वीडियो में देखें जयपुर के ताड़केश्वर मंदिर में पुलिस ने भीड़ पर चलाई लाठियां, 15 हजार लोगों की ही प्रसादी व्यवस्था थी, 35 हजार श्रद्धालु पहुंचे

वीडियो में देखें जयपुर के ताड़केश्वर मंदिर में पुलिस ने भीड़ पर चलाई लाठियां, 15 हजार लोगों की ही प्रसादी व्यवस्था थी, 35 हजार श्रद्धालु पहुंचे

जयपुर के परकोटे स्थित प्राचीन ताड़केश्वर मंदिर में सोमवार को आयोजित सहस्त्र घट उत्सव के दौरान मंदिर प्रबंधन की अव्यवस्थाओं के चलते स्थिति अचानक बेकाबू हो गई। प्रसादी वितरण के दौरान अनुमान से कहीं अधिक भीड़ उमड़ने पर अफरा-तफरी मच गई और हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा।

15 हजार की व्यवस्था, पहुंचे 35 हजार श्रद्धालु

मंदिर प्रशासन की ओर से लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी वितरण की व्यवस्था की गई थी, लेकिन उत्सव में करीब 35 हजार लोग पहुंच गए। क्षमता से दोगुनी भीड़ अचानक मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में जमा हो गई, जिससे व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। भीड़ नियंत्रण के लिए न तो प्रभावी कूपन सिस्टम लागू किया गया था और न ही प्रवेश व्यवस्था को ठीक से नियंत्रित किया गया, जिसका खामियाजा श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ा।

हालात बिगड़ने पर पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप

भीड़ बढ़ने के साथ ही कतारों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बैरिकेट्स के पास खड़े श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। हालात को संभालने के लिए पुलिसकर्मियों को लाठी फटकार कर भीड़ को पीछे हटाना पड़ा। इस दौरान कई स्थानों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग इधर-उधर भागने लगे।

महिलाओं और बच्चों को हुई परेशानी

भीड़ के दबाव के बीच कतारों में खड़ी महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। लंबी कतारों और धक्का-मुक्की के कारण कई लोगों की सांसें फूलने लगीं और उन्हें बाहर निकलने में भी कठिनाई हुई। श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि आयोजन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी, जिससे भीड़ नियंत्रण पूरी तरह फेल हो गया।

मंदिर प्रबंधन पर उठे सवाल

घटना के बाद मंदिर प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि इतने बड़े आयोजन के बावजूद भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और लाइन प्रबंधन को लेकर कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए थे। लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए पहले से पुख्ता व्यवस्था की जाए ताकि श्रद्धालुओं को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रशासन की भूमिका पर भी चर्चा

स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, लेकिन शुरुआती समय में भीड़ तेजी से बढ़ने के कारण हालात बिगड़ गए। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से स्थिति को धीरे-धीरे नियंत्रित किया गया।

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