वसुंधरा राजे का फर्जी लेटर वायरल मामला, वीडियो में देंखे चार आरोपियों को ट्रायल कोर्ट से जमानत
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से कथित रूप से फर्जी पत्र वायरल करने के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को ट्रायल कोर्ट से जमानत मिल गई है। यह आदेश लिंक जज श्रृंगिका जाजू ने सुनाया।जमानत पाने वालों में पंजाब के सोहना निवासी अमृता धूमाल, मध्यप्रदेश निवासी बिलाल खान, इमाम अहमद और निखिल प्रजापत शामिल हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय दिया।
आरोपियों की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने अदालत में तर्क दिया कि उनका नाम मूल एफआईआर में शामिल नहीं है और उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मामले की जांच में समय लग सकता है, इसलिए उन्हें जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए।वहीं, अभियोजन पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया था कि इन लोगों की भूमिका फर्जी लेटर तैयार करने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने में हो सकती है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि, मामले की जांच जारी रहेगी और आरोपियों को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल देखी गई थी, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री के नाम से फर्जी दस्तावेज वायरल होना एक गंभीर मामला माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस साइबर और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े के पीछे वास्तविक रूप से कौन लोग शामिल थे।कुल मिलाकर, अदालत के इस फैसले के बाद मामला अब जांच के अगले चरण में पहुंच गया है, जबकि आरोपियों को फिलहाल कानूनी राहत मिल गई है।

