Samachar Nama
×

राजस्थान विधानसभा में गाय को राज्यमाता दर्जा देने पर हंगामा, एक्सक्लूसिव वीडियो में जाने कार्यवाही तीसरी बार स्थगित

राजस्थान विधानसभा में गाय को राज्यमाता दर्जा देने पर हंगामा, एक्सक्लूसिव वीडियो में जाने कार्यवाही तीसरी बार स्थगित

राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को गाय को राज्यमाता दर्जा देने और गोहत्या से जुड़े सवालों को लेकर हंगामा मच गया। इस कारण विधानसभा की कार्यवाही तीसरी बार स्थगित करनी पड़ी। यह विवाद मुख्य रूप से बीजेपी और कांग्रेस के सदस्यों के बीच हुआ।

दरअसल, बीजेपी विधायक बालमुंदाचार्य ने प्रश्नकाल के दौरान यह सवाल उठाया कि गाय को राज्यमाता का दर्जा क्यों और कैसे दिया जा रहा है और राज्य में गोवंश तस्करी के खिलाफ क्या कदम उठाए जा रहे हैं। उनके सवाल का उद्देश्य था कि गोहत्या और गाय संरक्षण से जुड़े कानूनों की स्पष्टता और पालन कैसे हो रहा है।

सवाल के जवाब में गोपालन मंत्री ने कहा कि राजस्थान में गोहत्या रोकने के लिए कानून पहले ही बना हुआ है और राज्य सरकार इसे सख्ती से लागू कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गोवंश की तस्करी पर कड़ी नजर रखी जाए।

हालांकि, बीजेपी विधायक के सवाल के एक हिस्से—गाय को राज्यमाता का दर्जा देने—पर मंत्री ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस पर कांग्रेस के सदस्यों ने सवाल उठाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में खींचतान और शोर-शराबे के बीच स्पीकर को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

सूत्रों के अनुसार, यह विवाद राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के बाद शुरू हुआ और सदन में अनुशासन बनाए रखना मुश्किल हो गया। कांग्रेस के सदस्य इस मुद्दे पर लगातार हंगामा कर रहे थे और उन्होंने कहा कि सरकार गाय को राज्यमाता का दर्जा देने की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शी जानकारी नहीं दे रही है।

विधानसभा की कार्यवाही में इस हंगामे के कारण तीसरी बार स्थगन हुआ। इससे पहले भी इसी मुद्दे पर चर्चा और विरोध के चलते कार्यवाही रोकी गई थी। स्पीकर ने सदन में अनुशासन बनाए रखने की अपील की, लेकिन सदस्यों के बीच लगातार विवाद और नारेबाजी जारी रही।

विशेषज्ञों का कहना है कि गोहत्या और गोवंश संरक्षण का मुद्दा राजस्थान में संवेदनशील और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे मामलों में सरकार और विपक्ष के बीच बहस आम होती है, लेकिन संसद या विधानसभा में शांति बनाए रखना आवश्यक होता है।

राजस्थान विधानसभा में गाय को राज्यमाता का दर्जा देने का मुद्दा अभी स्पष्ट रूप से नहीं सुलझा है। विपक्ष का कहना है कि जनता को इस फैसले की जानकारी और प्रभावों के बारे में सही रूप से बताया जाना चाहिए। वहीं, सरकार का कहना है कि गोपालन से जुड़े नियम कानून के अनुसार लागू किए जा रहे हैं।

इस प्रकार, राजस्थान विधानसभा में गाय को राज्यमाता का दर्जा देने और गोहत्या रोकने के मुद्दे ने सदन में हंगामा मचा दिया। अब यह देखने की बात है कि आगे विधानसभा में इस मुद्दे पर कब और किस प्रकार की चर्चा होगी और क्या सरकार स्पष्ट जवाब दे पाएगी।

Share this story

Tags