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जयपुर के ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय में हंगामा: घटिया भोजन, दूषित पानी और फीस वृद्धि पर छात्राओं का प्रदर्शन

जयपुर के ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय में हंगामा: घटिया भोजन, दूषित पानी और फीस वृद्धि पर छात्राओं का प्रदर्शन

राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिने जाने वाले ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं। विश्वविद्यालय की छात्राओं ने शनिवार को परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि लंबे समय से घटिया भोजन और दूषित पानी की सप्लाई को लेकर शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल में परोसा जा रहा भोजन निम्न गुणवत्ता का है और कई बार खाने में स्वच्छता मानकों का पालन नहीं किया जाता। इसके अलावा पेयजल की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। छात्राओं का आरोप है कि दूषित पानी की वजह से कई छात्राएं बीमार पड़ीं, लेकिन शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।

इन समस्याओं के बीच हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा फीस में अचानक बढ़ोतरी किए जाने से छात्राओं का आक्रोश और बढ़ गया। प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना है कि जब बुनियादी सुविधाएं ही संतोषजनक नहीं हैं, तो फीस वृद्धि का निर्णय अनुचित है। उनका आरोप है कि बिना पूर्व सूचना और पर्याप्त संवाद के फीस बढ़ा दी गई।

शनिवार को सैकड़ों छात्राएं परिसर में एकत्रित हुईं और नारेबाजी करते हुए प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। उन्होंने भोजन और पानी की गुणवत्ता में तत्काल सुधार, फीस वृद्धि पर पुनर्विचार और नियमित निरीक्षण की मांग की।

कुछ छात्राओं ने बताया कि उन्होंने पहले भी लिखित शिकायतें दी थीं, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। सूत्रों के अनुसार, प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने और आवश्यक सुधार करने का आश्वासन दिया है। हालांकि फीस वृद्धि पर अभी तक कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।

यह मामला निजी शिक्षण संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दे को फिर से सामने लाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों से संबंधित सुविधाओं और शुल्क संरचना में किसी भी बदलाव से पहले संवाद और स्पष्ट नीति आवश्यक है।

फिलहाल परिसर में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन छात्राओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगी। आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय प्रशासन का रुख इस विवाद की दिशा तय करेगा।

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