केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के 4 निजी सचिव हटाए गए, प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज, वीडियो में देंखे मुख्य निजी सचिव अमर सिंह भी वापस कैडर में भेजे गए
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी स्टाफ में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। मंत्री के चार निजी सचिवों को एक साथ हटाए जाने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। आमतौर पर किसी केंद्रीय मंत्री के पूरे निजी स्टाफ में एक साथ बदलाव को बड़ा प्रशासनिक कदम माना जाता है।
हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक केंद्र सरकार या पर्यावरण मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इस घटनाक्रम पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
3 जुलाई को जारी हुए थे आदेश
जानकारी के मुताबिक, इन बदलावों से जुड़े आदेश 3 जुलाई को जारी किए गए थे। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की मंजूरी के बाद अलग-अलग आदेश जारी किए गए। इसके तहत मंत्री के निजी कार्यालय में तैनात चार अधिकारियों को हटाने का फैसला लिया गया।इनमें सबसे प्रमुख नाम मंत्री के मुख्य निजी सचिव अमर सिंह का है। आदेश के अनुसार, उन्हें पद से हटाकर उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया गया है।
अमर सिंह 2010 बैच के IRS अधिकारी
अमर सिंह 2010 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS-IT) अधिकारी हैं। वे भूपेंद्र यादव के निजी कार्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके हटने के बाद अब मंत्री कार्यालय में नए प्रशासनिक समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।
एक साथ बदलाव को लेकर उठे सवाल
प्रशासनिक विशेषज्ञों के अनुसार, किसी कैबिनेट मंत्री के निजी स्टाफ में सामान्य तौर पर बदलाव समय-समय पर होते रहते हैं, लेकिन एक साथ चार निजी सचिवों को हटाना असामान्य माना जा रहा है। इसी वजह से इस फैसले को लेकर राजनीतिक और सोशल मीडिया में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।हालांकि, अधिकारियों के तबादले और नियुक्तियां सरकार की प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं। बिना आधिकारिक जानकारी के इस कदम के पीछे के कारणों को लेकर कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
मंत्रालय की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं
फिलहाल पर्यावरण मंत्रालय या केंद्र सरकार की ओर से इस बदलाव के कारणों को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। न ही यह स्पष्ट किया गया है कि यह फैसला नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है या किसी विशेष कारण से।अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में सरकार या मंत्रालय की ओर से इस मामले पर कोई स्पष्टीकरण दिया जाता है या नहीं। वहीं, मंत्री कार्यालय में नए अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर भी जल्द फैसला लिया जा सकता है।

