VLTD विवाद पर परिवहन विभाग की नई SOP जारी, लेकिन नहीं टूटी ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल; वीडियो में समझे संगठनों ने कहा- मुख्य समस्या जस की तस
राजस्थान में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) को लेकर ट्रांसपोर्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। इस बीच परिवहन विभाग ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी कर विवाद सुलझाने की कोशिश की है। हालांकि, ट्रांसपोर्ट संगठनों ने नई SOP को अधूरा बताते हुए हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है।सोमवार को परिवहन मुख्यालय में विभागीय अधिकारियों और विभिन्न ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों के पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई। बैठक में ट्रांसपोर्टरों की मांगों पर चर्चा के बाद परिवहन विभाग ने नई SOP जारी की। विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य वाहन मालिकों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराना और VLTD डिवाइस की कमी को दूर करना है।
नई SOP के अनुसार, अब राज्य में अधिकृत (ऑथराइज्ड) कंपनियों को भी VLTD उपलब्ध कराने की अनुमति दी जाएगी। इससे वाहन मालिकों को एक से अधिक कंपनियों से डिवाइस लेने का विकल्प मिलेगा और डिवाइस की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। विभाग ने इस SOP को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।हालांकि, ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि नई SOP उनकी मूल समस्याओं का समाधान नहीं करती। उनका आरोप है कि विभाग ने यह तो कहा है कि अधिक कंपनियों को VLTD उपलब्ध कराने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ये कंपनियां कब से काम शुरू करेंगी और वाहन मालिकों को डिवाइस कब तक उपलब्ध हो पाएंगी। ऐसे में मौजूदा संकट बना हुआ है।
संगठनों का कहना है कि जब तक डिवाइस की पर्याप्त उपलब्धता और स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं की जाती, तब तक हड़ताल समाप्त करना संभव नहीं है। उनका मानना है कि केवल SOP जारी कर देने से व्यावहारिक समस्याओं का समाधान नहीं होगा।परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था के तहत वाहनों का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) और परमिट जैसी सभी प्रक्रियाओं में सक्रिय VLTD की अनिवार्यता पहले की तरह लागू रहेगी। यानी जिन वाहनों में सक्रिय डिवाइस नहीं होगी, उन्हें संबंधित सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल सरकार और ट्रांसपोर्ट संगठनों के बीच गतिरोध बना हुआ है। अब सभी की नजर अगली वार्ता पर है, जिससे यह तय होगा कि हड़ताल कब समाप्त होगी और VLTD को लेकर ट्रांसपोर्टरों की मांगों का समाधान किस तरह निकाला जाएगा।

