NEET पेपर लीक पर टीकाराम जूली का हमला, एक्सक्लुसीव वीडियो में देखें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मांगा इस्तीफा
Tika Ram Jully ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों के बावजूद सरकार जिम्मेदारी लेने से बच रही है।
शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए टीकाराम जूली ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से लगातार NEET परीक्षा का पेपर लीक हो रहा है, लेकिन शिक्षा मंत्री अब तक जवाबदेही तय नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा, “मेरी पहली मांग है कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और देश के बच्चों से माफी मांगनी चाहिए। युवाओं को बड़े-बड़े सपने क्यों दिखाए जाते हैं, जब उन्हें पूरा ही नहीं करना है?”
जूली ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री Madan Dilawar के बयान पर भी निशाना साधा। जूली ने कहा कि शिक्षा मंत्री का यह कहना कि “फोटो खिंच गई तो कोई बात नहीं” या “पेपर लीक हो गए तो कोई बड़ी बात नहीं” बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया दर्शाता है।
उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक मामले के आरोपी की तस्वीरें एक दर्जन से ज्यादा भाजपा नेताओं के साथ सामने आई हैं। जूली ने सवाल उठाते हुए कहा, “सीधा सवाल है कि नौ दिन तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हुई? आखिर कौन जिम्मेदार है और किसकी जवाबदेही तय होगी?”
टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन पेपर लीक माफिया को बचाने का काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो पूरे मामले का खुलासा पहले ही हो सकता था। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
NEET पेपर लीक मामला इन दिनों देशभर में राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा मुद्दा बना हुआ है। विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोल रहा है, जबकि जांच एजेंसियां मामले से जुड़े आरोपियों और नेटवर्क की जांच में जुटी हुई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पेपर लीक का मुद्दा युवाओं और छात्रों से सीधे जुड़ा होने के कारण आगामी समय में बड़ा राजनीतिक असर डाल सकता है। विपक्ष इसे शिक्षा व्यवस्था की विफलता और सरकार की जवाबदेही से जोड़कर लगातार उठाने की तैयारी में है।
फिलहाल, NEET विवाद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो चुकी है और केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।

