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जयपुर में युवक की पिटाई होती रही, फुटेज में देंखे सामने से निकली पुलिस की चेतक; राहगीर बोला- पुलिस अंकल, लड़ाई हो रही है

जयपुर में युवक की पिटाई होती रही, फुटेज में देंखे सामने से निकली पुलिस की चेतक; राहगीर बोला- पुलिस अंकल, लड़ाई हो रही है

राजस्थान की राजधानी जयपुर में मारपीट की एक घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में कुछ युवक एक व्यक्ति को पकड़कर लात-घूंसों से पीटते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान वहां से पुलिस की चेतक गाड़ी गुजरती है, लेकिन आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने रुककर बीच-बचाव करने के बजाय आगे बढ़ना जारी रखा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि यह घटना 6 अक्टूबर की रात करीब 12 बजे दादी का फाटक बाईपास पुलिया के नीचे हुई थी। वीडियो में एक व्यक्ति को कई युवक घेरकर मारते दिखाई देते हैं। इस दौरान वहां से गुजर रहे एक युवक ने पुलिस की गाड़ी को देखकर पुलिसकर्मियों को आवाज लगाई।

मोबाइल चोरी के आरोप में पकड़ा था युवक

जानकारी के मुताबिक, वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति पर मोबाइल चोरी कर भागने का आरोप था। इसी आरोप के बाद कुछ युवकों ने उसे पकड़ लिया और मौके पर ही उसकी पिटाई शुरू कर दी।हालांकि, मोबाइल चोरी के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यक्ति पर चोरी का आरोप लगना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। मामले में वास्तविक घटनाक्रम और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।

पुलिस की चेतक गाड़ी देखकर राहगीर ने लगाई आवाज

मारपीट के दौरान वहां से गुजर रहे युवक देवेश अग्रवाल ने पुलिस की चेतक गाड़ी को देखा। उसने पुलिसकर्मियों का ध्यान घटना की ओर खींचने के लिए आवाज लगाई।वीडियो में देवेश की आवाज सुनाई देती है, जिसमें वह कहता है, “पुलिस अंकल, लड़ाई हो रही है, लड़ाई।” इसके जवाब में चेतक गाड़ी में बैठे पुलिसकर्मी की आवाज सुनाई देने का दावा किया जा रहा है, “हां, पुलिस आ रही है।”इसके बावजूद वीडियो में चेतक गाड़ी आगे निकलती दिखाई देती है। आरोप है कि उस समय पुलिसकर्मियों ने मौके पर रुककर मारपीट कर रहे युवकों को रोकने या पीड़ित को बचाने की कोशिश नहीं की।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल

घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि मारपीट जैसी स्थिति दिखाई देने के बावजूद पुलिस की गाड़ी मौके पर क्यों नहीं रुकी। अगर पुलिसकर्मियों को घटना की जानकारी मिल गई थी, तो उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप क्यों नहीं किया, यह भी जांच का विषय है।सार्वजनिक स्थान पर किसी व्यक्ति के साथ मारपीट होने की स्थिति में पुलिस से अपेक्षा की जाती है कि वह मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करे और जरूरत पड़ने पर पीड़ित को सुरक्षा उपलब्ध कराए।इस मामले में वीडियो के आधार पर पुलिसकर्मियों की भूमिका, घटनास्थल पर उनकी मौजूदगी और उसके बाद की कार्रवाई की जांच महत्वपूर्ण होगी।

जांच के बाद स्पष्ट होगा पूरा मामला

फिलहाल, सामने आए वीडियो और उसके साथ किए जा रहे दावों के आधार पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं, चेतक टीम की कार्रवाई और संबंधित अधिकारियों के पक्ष की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जाती है। साथ ही, मारपीट का शिकार हुए व्यक्ति के साथ वास्तव में क्या हुआ और मोबाइल चोरी के आरोप में कितनी सच्चाई है, यह भी जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा।

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