राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने ग्रेड फोर्थ परीक्षा का संशोधित रिजल्ट जारी किया, 21 लाख अभ्यर्थियों की मेरिट में बदलाव
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) ने शुक्रवार को ग्रेड फोर्थ (चपरासी) भर्ती परीक्षा का संशोधित रिजल्ट जारी कर दिया है। बोर्ड ने यह फैसला एक सवाल के उत्तर में बदलाव के बाद लिया है। संशोधित रिजल्ट जारी करने के साथ ही 21 लाख अभ्यर्थियों की मेरिट सूची में बदलाव हुआ है और अब डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों की संख्या दोगुनी कर दी गई है।
प्रदेश की यह सबसे बड़ी ग्रेड फोर्थ भर्ती परीक्षा रही है, जिसमें अभ्यर्थियों के बीच पिछले दिनों प्रश्न संख्या 108 को लेकर विवाद सामने आया था। प्रारंभिक तौर पर बोर्ड ने प्रोविजनल आंसर की में विकल्प (D) को सही माना था। इसके बाद फाइनल आंसर की में यह विकल्प बिना किसी आपत्ति के बदलकर (B) कर दिया गया।
जब अभ्यर्थियों ने इस बदलाव का विरोध किया और तथ्यात्मक जांच की मांग की, तब कर्मचारी चयन बोर्ड ने पुनः समीक्षा की। तथ्यों और अभ्यर्थियों की शिकायतों की जांच के बाद बोर्ड ने फिर से विकल्प (D) को सही मानने का फैसला लिया और नए सिरे से रिजल्ट जारी किया।
इस बार जारी रिजल्ट में अब शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों की संख्या दोगुनी कर दी गई है। इससे पहले जो उम्मीदवार डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए चयनित हुए थे, उनकी संख्या आधी थी। इस फैसले के बाद बोर्ड ने कहा है कि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बदलाव भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जरूरी हैं। प्रदेश में 21 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक थी, इसलिए रिजल्ट में किसी भी तरह की त्रुटि गंभीर परिणाम दे सकती थी।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यह निर्णय उनके हक में है और इससे भर्ती प्रक्रिया में न्याय सुनिश्चित हुआ है। वहीं, बोर्ड ने सभी चयनित अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए तय समय और प्रक्रिया का पालन करें।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के सचिव ने बताया कि भर्ती परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाता है और भविष्य में इस तरह की गलतियों से बचने के लिए आंसर की की समीक्षा प्रक्रिया को और सख्त बनाया जाएगा।
इस ग्रेड फोर्थ परीक्षा का परिणाम लाखों अभ्यर्थियों के करियर के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। संशोधित रिजल्ट के बाद अब अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्टिंग और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में भाग लेने का मौका मिलेगा। बोर्ड का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
संक्षेप में, प्रश्न संख्या 108 में विकल्प बदलने के बाद बोर्ड ने समीक्षा के बाद सही विकल्प (D) को मान्यता दी और 21 लाख अभ्यर्थियों की मेरिट सूची में संशोधन कर चयन प्रक्रिया को दोबारा लागू किया। इस कदम से राजस्थान में ग्रेड फोर्थ भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और लाखों अभ्यर्थियों को राहत मिली है।

