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जयपुर सेंट्रल में तैनात आरएसी जवान गिरधारी लाल गुर्जर का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब

जयपुर सेंट्रल में तैनात आरएसी जवान गिरधारी लाल गुर्जर का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब

जयपुर सेंट्रल में तैनात आरएसी (RAC) जवान गिरधारी लाल गुर्जर के निधन के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। रविवार को हुई उनकी मृत्यु के बाद सोमवार सुबह उनका तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

जैसे ही जवान का शव गांव की दहलीज पर पहुंचा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घर का माहौल गमगीन हो गया और पूरे गांव में मातम छा गया। हर आंख नम दिखाई दी और लोग अपने प्रिय जवान को अंतिम विदाई देने के लिए एकत्रित हो गए।

गिरधारी लाल गुर्जर ने आरएसी में रहते हुए वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं और अनुशासन तथा कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे। उनके निधन की खबर जैसे ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंची, लोग स्तब्ध रह गए। सहकर्मियों और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने भी गहरा शोक व्यक्त किया।

अंतिम यात्रा के दौरान “भारत माता की जय” और “वीर जवान अमर रहें” के नारों से वातावरण गूंज उठा। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों की टुकड़ी ने भी सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि गिरधारी लाल अपने कर्तव्यों के प्रति बेहद समर्पित थे और हमेशा देश सेवा को सर्वोपरि मानते थे। उनकी अचानक मृत्यु ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने हमेशा समाज और परिवार के बीच संतुलन बनाए रखा और एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे। उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया और सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

कुल मिलाकर, आरएसी जवान गिरधारी लाल गुर्जर का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ, लेकिन उनके जाने से गांव में एक गहरा शून्य छोड़ गया है, जिसे भर पाना मुश्किल माना जा रहा है।

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