साल का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च को, वीडियो में जानें जयपुर में सिर्फ 20 मिनट दिखेगा नज़ारा
साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च को पड़ेगा। यह खगोलीय घटना धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। राजधानी जयपुर में यह चंद्रग्रहण केवल करीब 20 मिनट तक ही दिखाई देगा।
खगोलविदों के अनुसार, जयपुर में चंद्रोदय शाम 6 बजकर 22 मिनट पर होगा, जबकि ग्रहण का समापन 6 बजकर 47 मिनट पर हो जाएगा। यानी शहरवासियों को ग्रहण का अंतिम चरण ही देखने को मिलेगा। इससे पहले ग्रहण की शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर 3:21 बजे हो जाएगी और कुल अवधि 4 घंटे 26 मिनट की रहेगी।
यह चंद्रग्रहण श्री सत्यनारायण पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। गोविंददेव जी मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि ग्रहण काल के दौरान पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में विशेष सावधानी बरती जाती है।
देश के कई हिस्सों में इस बार ‘ब्लड मून’ का दुर्लभ दृश्य भी देखने को मिल सकता है। ब्लड मून उस स्थिति को कहा जाता है जब पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा तांबे या लाल रंग का दिखाई देता है। हालांकि जयपुर में चंद्रोदय देर से होने के कारण ग्रहण का पूरा चरण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां ब्लड मून का दृश्य सीमित रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण और सूतक काल में शुभ कार्यों से परहेज किया जाता है। इसी वजह से 3 मार्च को रंगों वाली होली नहीं मनाई जाएगी। मंदिरों में भी ग्रहण काल के दौरान पट बंद रखे जाएंगे और विशेष मंत्रोच्चार किए जाएंगे।
ग्रहण समाप्त होने के बाद शाम को शुद्धिकरण और स्नान की परंपरा निभाई जाएगी। श्रद्धालु ग्रहण समाप्ति के बाद पूजा-अर्चना करेंगे और दान-पुण्य के कार्य भी करेंगे।
खगोल विशेषज्ञों का कहना है कि चंद्रग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय प्रक्रिया है, जो तब घटित होती है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। इससे पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है और वह कुछ समय के लिए धुंधला या लालिमा लिए दिखाई देता है।
इस प्रकार 3 मार्च का चंद्रग्रहण जयपुर सहित देशभर में आस्था और उत्सुकता का विषय बना हुआ है। जहां वैज्ञानिक इसे आकाशीय घटना के रूप में देख रहे हैं, वहीं धार्मिक दृष्टि से भी इसे विशेष महत्व दिया जा रहा है।

