जयपुर में अस्पताल पर ड्रग विभाग की बड़ी कार्रवाई, बिना अनुमति इंजेक्शन बिक्री का मामला उजागर
राजधानी जयपुर में दवा बिक्री और चिकित्सा नियमों के उल्लंघन को लेकर एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) और राजस्थान ड्रग कंट्रोल विभाग की संयुक्त टीम ने गोपालपुरा बाइपास स्थित भंडारी हॉस्पिटल पर छापेमारी की।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वहां ड्रग विभाग से आवश्यक अनुमति लिए बिना कुछ इंजेक्शनों की बिक्री की जा रही थी। शिकायत की पुष्टि के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और अस्पताल के रिकॉर्ड व दवाइयों की स्टॉक स्थिति की जांच की।
छापेमारी के दौरान टीम ने अस्पताल परिसर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और दवाओं से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह संदेह जताया गया है कि कुछ दवाइयों का उपयोग या बिक्री नियमों के विपरीत तरीके से की जा रही थी।
यह कार्रवाई भंडारी हॉस्पिटल में की गई, जहां ड्रग विभाग की टीम ने विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि मामले में दवाओं की खरीद-बिक्री और स्टोरेज से जुड़े नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इसकी गहन जांच की जा रही है।
ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के अनुसार, बिना अनुमति दवाओं की बिक्री या उपयोग गंभीर उल्लंघन माना जाता है और इससे मरीजों की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसी कारण विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए यह कार्रवाई की है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि अस्पताल प्रबंधन से जवाब-तलब किया गया है और सभी दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई संभव है।
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी हलचल देखी जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि निजी अस्पतालों में दवा प्रबंधन और नियमों के पालन को लेकर निगरानी और कड़ी की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई को सराहनीय बताया है और कहा है कि इस तरह की जांच से स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और मरीजों का भरोसा मजबूत होगा।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और ड्रग विभाग की टीम रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपेगी।

