जोधपुर के प्रतिष्ठित एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में शनिवार को छात्रों के बीच जमकर विवाद देखने को मिला। विवाद का मुख्य कारण मैदान में खेलने का समय और प्राथमिकता बताया जा रहा है। इस झड़प में कई छात्र हल्की और गंभीर चोटों के साथ घायल हुए हैं।
पुलिस और कॉलेज प्रशासन के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब दो छात्र समूह मैदान में खेलने के लिए पहुंचे। दोनों पक्षों ने मैदान और खेल सामग्री का उपयोग लेकर आपस में बहस शुरू की, जो देखते ही देखते भिड़ंत और हाथापाई में बदल गई। घटना इतनी तेज थी कि कुछ छात्र चोटिल होकर कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती हुए।
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि घटना के तुरंत बाद सुरक्षा कर्मियों और प्राचार्य की टीम मौके पर पहुंची और विवाद को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने कहा कि सभी घायल छात्रों को प्राथमिक उपचार दिया गया और कुछ को अस्पताल भेजा गया। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह घटना छात्रों के बीच असहमति और अनुशासनहीनता का परिणाम थी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि झड़प के दौरान गुस्से और उग्र व्यवहार के कारण कई छात्र मैदान के बाहर भी भागते नजर आए। कुछ छात्रों ने सोशल मीडिया पर घटनाक्रम का वीडियो साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि दो पक्ष आपस में धक्का-मुक्की और मारपीट कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कॉलेज स्तर पर ऐसे विवाद अक्सर खेल गतिविधियों के लिए अपर्याप्त समय और संसाधन होने के कारण होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के मामलों में शांतिपूर्ण समाधान, खेल नियमों का पालन और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है।
कॉलेज प्रशासन ने मीडिया को बताया कि वह इस घटना की गहन जांच कर रही है। जांच में यह देखा जाएगा कि मैदान और खेल संसाधनों के आवंटन में कोई असमानता या लापरवाही तो नहीं रही। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की हिंसात्मक घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
छात्र संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे प्रशासन के साथ मिलकर मैदान उपयोग और खेल समय के नियम स्पष्ट करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को सामूहिक खेलों और अनुशासन के महत्व के बारे में शिक्षित करना आवश्यक है।
इस प्रकार, एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में मैदान को लेकर हुए विवाद ने न केवल छात्रों में सुरक्षा और अनुशासन के मुद्दे को उजागर किया, बल्कि कॉलेज प्रशासन और छात्र संगठन के लिए समन्वित समाधान की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
कॉलेज प्रशासन ने जनता और अभिभावकों से अपील की है कि वे छात्रों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी तरह की अफवाह या वीडियो वायरल करने से बचें।

