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जयपुर में ट्रैफिक नियमों पर सख्ती: वीडियो में देंखे बकाया चालान वाली गाड़ियों के नंबर अब LED स्क्रीन पर होंगे प्रदर्शित

जयपुर में ट्रैफिक नियमों पर सख्ती: वीडियो में देंखे बकाया चालान वाली गाड़ियों के नंबर अब LED स्क्रीन पर होंगे प्रदर्शित

राजधानी जयपुर में ट्रैफिक नियमों के लगातार उल्लंघन और बकाया चालानों को लेकर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। शहर में एक नई हाईटेक व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत नियम तोड़ने और चालान बकाया रखने वाले वाहनों के नंबर अब सार्वजनिक रूप से चौराहों पर लगी बड़ी LED स्क्रीन पर दिखाए जा रहे हैं।इस नई पहल की शुरुआत लगभग चार दिन पहले रामबाग चौराहे से की गई है। इस चौराहे से गुजरने वाले वाहनों पर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरों की नजर रहती है, जो रियल टाइम में वाहनों की पहचान करते हैं। यदि किसी वाहन पर बकाया चालान पाया जाता है, तो उसकी जानकारी लगभग 12 सेकेंड के भीतर चौराहे पर लगी LED स्क्रीन पर प्रदर्शित कर दी जाती है।

इसके बाद ट्रैफिक पुलिस मौके पर उस वाहन को रोककर चालक को बकाया चालान की पूरी जानकारी देती है और उसे भुगतान करने के लिए समझाइश भी दी जाती है। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी बढ़ाना भी है।अगर किसी वाहन मालिक द्वारा बार-बार चेतावनी के बावजूद चालान का भुगतान नहीं किया जाता है, तो आगे चलकर उस वाहन को जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इस व्यवस्था के तहत ट्रैफिक नियमों के पालन को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।

यह पूरी व्यवस्था ‘स्मार्ट व्हीकल चालान डिटेक्शन सिस्टम’ नाम से लागू की गई है, जो एआई तकनीक पर आधारित है। इस सिस्टम की मदद से न केवल चालान बकाया वाहनों की पहचान की जा रही है, बल्कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भी तुरंत कार्रवाई संभव हो पा रही है।प्रयोग के तौर पर शुरू की गई इस पहल के शुरुआती दिनों में ही बड़ी संख्या में वाहनों की पहचान की गई है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि शहर में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन अब निगरानी के दायरे में तेजी से आ रहा है।

ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक के जरिए न केवल व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है, बल्कि लोगों को भी यह संदेश दिया जा रहा है कि नियम तोड़ने पर अब बचना आसान नहीं होगा। फिलहाल इस सिस्टम को शुरुआती चरण में रामबाग चौराहे पर लागू किया गया है, लेकिन आने वाले समय में इसे शहर के अन्य प्रमुख चौराहों पर भी विस्तार दिए जाने की संभावना है।

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