"साहब, मेरा घर वापस दिलवाओ", बुजुर्ग मां ने पुलिस कमिश्नर से लगाई गुहार, वीडियो में जाने बेटों पर फर्जी वसीयत का आरोप
जयपुर पुलिस कमिश्नर की जनसुनवाई में एक बुजुर्ग महिला की दर्दभरी गुहार ने सभी का ध्यान खींच लिया। बुजुर्ग सीता देवी ने पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल से अपने ही बेटों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, "साहब, मेरा घर वापस दिलवाओ। मेरे बेटों ने फर्जी वसीयत बनाकर मुझे मेरे ही घर से निकाल दिया है।"
तीर्थ यात्रा से लौटीं तो घर में बदल चुकी थी तस्वीर
सीता देवी ने बताया कि वह 13 सितंबर 2025 को अमृतसर तीर्थ यात्रा पर गई थीं। कुछ दिनों बाद जब वह वापस अपने घर लौटीं तो घर की स्थिति देखकर हैरान रह गईं।उनके अनुसार, उनके कमरों के बाहर दीवार खड़ी कर दी गई थी, दरवाजे बदल दिए गए थे और पुराने ताले तोड़कर नए ताले लगा दिए गए थे। उन्होंने घर के बाहर खड़े होकर बेटों से गेट खोलने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।
बेटी के साथ पहुंचीं थाने
सीता देवी ने बताया कि जब उन्होंने पूरी घटना की जानकारी अपनी बेटी को दी तो वह तुरंत उनके पास पहुंची। इसके बाद दोनों मां-बेटी पुलिस थाने गईं और शिकायत दर्ज कराई।महिला के अनुसार, पुलिस की मौजूदगी में घर का गेट खुलवाया गया। इसी दौरान उनके बड़े बेटे ने दावा किया कि उनके पिता यह मकान उनके नाम कर गए थे।
फर्जी वसीयत का लगाया आरोप
बुजुर्ग महिला का आरोप है कि बेटों ने फर्जी वसीयत तैयार कर संपत्ति पर कब्जा कर लिया और उन्हें घर से बेदखल कर दिया। उनका कहना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और उन्हें उनका घर वापस दिलाया जाना चाहिए।
बेटी के घर रहने को मजबूर
सीता देवी ने जनसुनवाई में बताया कि विवाद के बाद से वह अपने घर में नहीं रह पा रही हैं और मजबूरी में अपनी बेटी के पास रह रही हैं। उन्होंने प्रशासन से न्याय दिलाने और संपत्ति विवाद का समाधान कराने की मांग की है।
पुलिस करेगी मामले की जांच
जनसुनवाई में शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब पुलिस संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, कथित वसीयत और दोनों पक्षों के दावों की जांच करेगी।यह मामला एक बार फिर बुजुर्गों के संपत्ति अधिकारों और पारिवारिक विवादों से जुड़े गंभीर सवालों को सामने लेकर आया है। फिलहाल सीता देवी न्याय की उम्मीद में प्रशासन के दरवाजे खटखटा रही हैं।

