वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर, फुटेज में जानें राजस्थान में दिन में भी कड़ाके की ठंड, 20 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट
राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से ठंड ने एक बार फिर तीखा रूप ले लिया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब रात ही नहीं, बल्कि दिन में भी कड़ाके की सर्दी महसूस की जा रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने, ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने शुक्रवार को राज्य के 20 जिलों में घने कोहरे को लेकर ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में कोहरे का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। गुरुवार देर शाम होते ही श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर और आसपास के जिलों में कोहरा छाना शुरू हो गया, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। इसका असर सड़क और हवाई यातायात पर भी पड़ रहा है। इंडिगो एयरलाइंस ने उदयपुर और जैसलमेर के लिए उड़ानों में देरी की आशंका जताई है और यात्रियों को फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह दी है।
तेज सर्दी को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। श्रीगंगानगर जिले में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 10 जनवरी तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि अत्यधिक ठंड और कोहरे के कारण छोटे बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है, इसलिए यह फैसला लिया गया है।
सीकर, जयपुर, अलवर सहित कई जिलों में शुक्रवार को भी आसमान में बादल छाए रहे, जिससे धूप नहीं निकल पाई और ठंड का असर और बढ़ गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 जनवरी से प्रदेश में कोल्ड-वेव की स्थिति बनने की संभावना है। इसके चलते न्यूनतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। खासतौर पर रात के समय ठंड और अधिक बढ़ने की आशंका है।
गुरुवार को प्रदेश के कई शहरों में दिन और रात के तापमान में खास अंतर नहीं रहा। श्रीगंगानगर में इस सीजन का सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जिससे वहां दिनभर सर्दी का अहसास बना रहा। वहीं जयपुर, अलवर, बीकानेर और चूरू जैसे शहरों में भी अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। ठंडी हवाओं और बादलों की वजह से लोगों को दिन में भी गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। कोहरे और शीतलहर के कारण वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कम दृश्यता वाले इलाकों में धीमी गति से वाहन चलाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

