Samachar Nama
×

जयपुर मेट्रो में सुरक्षा की चूक, मेटल डिटेक्टर से आवाज तो आती पर सुनाई नहीं देती, भीड़-भाड़ और लापरवाही से खतरा बढ़ा

जयपुर मेट्रो में सुरक्षा की चूक, मेटल डिटेक्टर से आवाज तो आती पर सुनाई नहीं देती, भीड़-भाड़ और लापरवाही से खतरा बढ़ा

राजधानी जयपुर की मेट्रो को आम जनता के लिए सुरक्षित, तेज और आधुनिक परिवहन का माध्यम माना जाता है। लेकिन हालिया हालात यह दर्शाते हैं कि मेट्रो की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पीक ऑवर्स में स्टेशनों पर उमड़ती भीड़ और सुरक्षा जांच में हो रही लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

स्थानीय यात्रियों ने बताया कि सुबह और शाम के समय मेट्रो स्टेशनों पर इतनी भीड़ होती है कि कभी-कभी लोगों को चढ़ने-उतरने में मुश्किल का सामना करना पड़ता है। सुरक्षा जांच के दौरान सुरक्षा कर्मचारियों की सतर्कता भी संदिग्ध लगती है। यात्रियों का कहना है कि कभी-कभी सुरक्षा गार्ड सिक्योरिटी चेक में ढील दे देते हैं या भीड़ के दबाव में जांच पूरी तरह से नहीं करते।

एक यात्री ने बताया, “हम मेट्रो को आधुनिक और सुरक्षित मानकर रोजाना यात्रा करते हैं, लेकिन हाल के अनुभवों से डर लगने लगा है। अगर सुरक्षा जांच और भीड़ प्रबंधन पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया, तो किसी बड़े हादसे की संभावना बढ़ सकती है।”

विशेषज्ञों का कहना है कि मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा की प्राथमिकता सबसे अहम होती है। भीड़-भाड़ और सुरक्षा की अनदेखी यात्रियों के जीवन के लिए सीधा खतरा बन सकती है। इसके अलावा, आपातकालीन परिस्थितियों में सही ढंग से एग्जिट और इमरजेंसी प्लानिंग का अभाव और भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

जयपुर मेट्रो प्रशासन ने हालांकि सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई है और कहा है कि पीक ऑवर्स में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। इसके तहत स्टेशनों पर अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और भीड़ प्रबंधन के उपाय किए जा रहे हैं। लेकिन यात्रियों का कहना है कि यह कदम अभी पर्याप्त नहीं हैं।

नगर निगम और मेट्रो अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि यात्रियों की सुरक्षा हर हाल में प्राथमिकता हो। भीड़ के प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक और इमरजेंसी ड्रिल्स की जरूरत है। साथ ही, सुरक्षा जांच में सख्ती और कर्मचारियों की निगरानी भी बढ़ाई जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मेट्रो में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी नहीं बनाया गया, तो आने वाले समय में बड़े हादसे की संभावना बढ़ सकती है। यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को तत्काल ठोस कदम उठाने होंगे।

जयपुर मेट्रो के लिए यह चुनौती नहीं केवल सुरक्षा की, बल्कि जनता के विश्वास की भी है। अगर यात्रियों को समय पर सुरक्षित और व्यवस्थित सेवा नहीं दी गई, तो लोग मेट्रो पर भरोसा खो सकते हैं। इसलिए प्रशासन के लिए यह जरूरी है कि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को गंभीरता से लिया जाए और हर स्टेशन पर सतर्कता बढ़ाई जाए।

Share this story

Tags