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जयपुर में ‘सैलरी बेस्ड’ चोरी गैंग का भंडाफोड़, नाबालिगों से करवाई जाती थी मोबाइल चोरी

जयपुर में ‘सैलरी बेस्ड’ चोरी गैंग का भंडाफोड़, नाबालिगों से करवाई जाती थी मोबाइल चोरी

जयपुर पुलिस ने एक ऐसे संगठित अपराध गिरोह का खुलासा किया है, जो कॉरपोरेट स्टाइल में काम करता था और जिसे ‘मीना बाजार गैंग’ के नाम से जाना जा रहा है। यह गिरोह झारखंड से नाबालिग बच्चों को लाकर उनसे शहर में मोबाइल चोरी की वारदातें करवाता था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गैंग बच्चों को एक तय वेतन पर काम पर रखता था। नाबालिगों को लगभग 20 हजार रुपये तक मासिक वेतन, रहने और खाने की मुफ्त सुविधा दी जाती थी। इसके बदले में उनसे भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल चोरी जैसी वारदातें करवाई जाती थीं।

जयपुर पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पूरी तरह संगठित तरीके से काम करता था। गिरोह के सदस्य बच्चों को झारखंड से लाकर जयपुर में अलग-अलग ठिकानों पर रखते थे और उन्हें भीड़ में चोरी करने की ट्रेनिंग भी दी जाती थी। चोरी किए गए मोबाइलों को तुरंत अलग नेटवर्क के जरिए बाहर भेज दिया जाता था, जिससे उनका पता लगाना मुश्किल हो जाता था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हाल के दिनों में शहर के बाजारों और पर्यटन स्थलों पर मोबाइल चोरी की घटनाओं में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही थी। शिकायतों के आधार पर विशेष टीम गठित की गई, जिसके बाद इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ।

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह बच्चों को यह विश्वास दिलाकर लाता था कि वे एक आसान काम और अच्छी कमाई वाली नौकरी करेंगे। लेकिन जयपुर पहुंचने के बाद उन्हें अपराध की दुनिया में धकेल दिया जाता था। कई बच्चों को डर और दबाव में रखकर चोरी की घटनाओं में शामिल किया जाता था।

पुलिस ने छापेमारी के दौरान कुछ नाबालिगों को सुरक्षित रेस्क्यू भी किया है और उन्हें बाल संरक्षण इकाइयों के हवाले किया गया है। वहीं गिरोह के कई सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल चोरी का नहीं, बल्कि नाबालिगों के शोषण और मानव तस्करी के पहलुओं से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए जांच को कई स्तरों पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

बाल अधिकार विशेषज्ञों ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा है कि ऐसे गिरोह बच्चों की मजबूरी और गरीबी का फायदा उठाकर उन्हें अपराध की दुनिया में धकेल देते हैं। इसके लिए सख्त निगरानी और सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता है।

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। यह कार्रवाई शहर में सक्रिय संगठित अपराध पर एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

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