मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर, वीडियो में देंखे दो अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स कैंसिल
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के चलते जयपुर से चलने वाली अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स भी प्रभावित होने लगी हैं। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते विवाद के कारण कई एयरलाइंस ने अपने शेड्यूल में बदलाव किया है। इसी के चलते शुक्रवार को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए जाने वाली दो प्रमुख फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा।
सूत्रों के मुताबिक, एतिहाद एयरवेज की अबू धाबी जाने वाली फ्लाइट शुक्रवार को कैंसिल रही। यह फ्लाइट रोजाना रात करीब 3 बजकर 15 मिनट पर जयपुर से अबू धाबी के लिए उड़ान भरती है। इसके रद्द होने से यात्रियों को उनके शेड्यूल में गड़बड़ी का सामना करना पड़ा।
इसी तरह, स्पाइसजेट एयरलाइंस की दुबई जाने वाली फ्लाइट भी कैंसिल कर दी गई। यह फ्लाइट सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर जयपुर से दुबई के लिए रवाना होती है। एयरलाइन ने फिलहाल यात्रा करने वाले यात्रियों को नए शेड्यूल और विकल्पों के बारे में जानकारी दे दी है।
जयपुर एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि फ्लाइट्स के रद्द होने का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में हालिया तनाव है। ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते विवाद से खाड़ी देशों की हवाई सुरक्षा पर असर पड़ा है, जिससे कई एयरलाइंस ने जोखिम को देखते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल में बदलाव किया है।
इससे खाड़ी देशों के लिए ट्रैवल करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी हुई। कई यात्रियों को होटल और कनेक्टिंग फ्लाइट्स की नई व्यवस्था करनी पड़ी। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायतें साझा करते हुए एयरलाइंस से जल्दी समाधान की मांग की।
विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में राजनीतिक तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों पर भी पड़ता है। एयरलाइंस सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं और किसी भी संभावित जोखिम की स्थिति में उड़ानों को रद्द करना या शेड्यूल बदलना सामान्य प्रक्रिया है।
जयपुर एयरपोर्ट के प्रवक्ता ने बताया कि यात्रियों को एयरलाइन द्वारा वैकल्पिक फ्लाइट्स और रिफंड की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को किसी भी असुविधा के लिए खेद है और आश्वस्त किया कि स्थिति सामान्य होते ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पुनः नियमित होंगी।
हालांकि, खाड़ी देशों की यात्रा पर निर्भर व्यवसाय और पर्यटन उद्योग को भी इस रद्दीकरण से असर पड़ा है। कई व्यापारियों और यात्रियों को अपने कार्यक्रम और मीटिंग्स में बदलाव करना पड़ा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता रहा, तो यह आने वाले हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और हवाई सुरक्षा पर और बड़ा असर डाल सकता है। इस समय यात्रियों को अपनी फ्लाइट्स की स्थिति लगातार एयरलाइन वेबसाइट और एप्स के जरिए चेक करते रहना चाहिए।
इस तरह, जयपुर से खाड़ी देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर साफ दिखाई दे रहा है। यात्रियों और एयरलाइंस दोनों के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति बनी हुई है, और आने वाले दिनों में फ्लाइट्स की नियमितता पर नजर रखी जा रही है।

