RCA में बगावत: एडहॉक सदस्य उतरे बिहानी के खिलाफ, खींवसर बोले- 'तालिबान की तरह चला रहे संघ'
आईपीएल मैचों के बीच राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में विवाद गहराता जा रहा है। आरसीए एड हॉक कमेटी के संयोजक और भाजपा विधायक जयदीप बिहानी द्वारा राजस्थान रॉयल्स पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाने के बाद मामला और गरमा गया है। अब तदर्थ समिति के अन्य सदस्य भी खुलकर बिहानी के खिलाफ आ गए हैं।
इस संदर्भ में एड हॉक कमेटी के सदस्य एवं जोधपुर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष धनंजय सिंह खींवसर ने बिहाणी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जयदीप बिहानी पूरी तरह से तानाशाह बन गए हैं और आरसीए को उसी तरह चला रहे हैं जैसे तालिबान अफगानिस्तान को चलाता है। मैच फिक्सिंग जैसे आरोप लगाना आसान है, लेकिन क्या उनके पास कोई ठोस सबूत है? खिनवासर ने यह भी दावा किया कि बिहानी तदर्थ समिति की बैठकों में अन्य सदस्यों की उपेक्षा करते हैं और उनसे ऊंची आवाज में बात करते हैं।
मीडिया सेल का दुरुपयोग
धनंजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि बिहानी ने आरसीए के मीडिया सेल का दुरुपयोग किया. यदि उन्हें कोई बयान देना ही था तो वे अपने निजी सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सकते थे। लेकिन उन्होंने आरसीए के मीडिया सेल के माध्यम से राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश की है। सरकार को इस संबंध में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
आईपीएल पास पर भी विवाद
वहीं, तदर्थ समिति के एक अन्य सदस्य धर्मवीर सिंह शेखावत ने आरोप लगाया कि बिहानी आईपीएल मैचों पर सट्टेबाजी को लेकर भी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि आरसीए को 10 लाख रुपये की कोई जरूरत थी। बीसीसीआई ही आरसीए को क्रिकेट गतिविधियां चलाने के लिए धन मुहैया कराता है, लेकिन बिहानी ने हमसे पूछे बिना ही 10 लाख रुपये की मांग करते हुए एक पत्र जारी कर दिया।
पूरा मामला क्या था?
दरअसल, 19 अप्रैल को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच मुकाबला हुआ था, जिसमें राजस्थान की टीम आखिरी ओवर में 9 रन नहीं बना सकी और 2 रन से हार गई थी। इसके बाद विधायक जयदीप बिहानी ने मैच को फिक्स बताया और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जब आपके हाथ में छह विकेट हों तो नौ रन बनाना मुश्किल नहीं है। इस हार की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। अब आरसीए में यह विवाद गहराता जा रहा है और ऐसा लग रहा है कि अब क्रिकेट के मैदान से ज्यादा जुबानी झड़पें होने लगी हैं।

