जयपुर समेत इन 16 जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट, वीडियो में जानें कई जगहों पर आंधी बारिश की चेतावनी
राजस्थान में नौतपा शुरू होने से पहले ही भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के 16 जिलों में लू के प्रकोप से लोग बेहाल हैं और मौसम विभाग ने फिलहाल राहत के कोई संकेत नहीं दिए हैं। खास तौर पर 3 जिलों — बाड़मेर, जैसलमेर और श्रीगंगानगर — में हीटवेव को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में गर्म पछुआ हवाओं के कारण तापमान में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है और लोग घरों में दुबके रहने को मजबूर हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह गर्मी और भी घातक साबित हो रही है।
हालांकि, गुरुवार दोपहर बाद राज्य के कुछ जिलों में मौसम ने करवट ली। चित्तौड़गढ़, कोटा, बूंदी, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़ और उदयपुर जिलों में तेज अंधड़ के साथ बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली। चित्तौड़गढ़ में आई तेज आंधी और बारिश के दौरान ओले भी गिरे, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
इस दौरान चित्तौड़गढ़ जिले के एक गांव में ओलावृष्टि और अंधड़ के चलते एक मकान की दीवार ढह गई। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला और एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए हैं। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने की घोषणा की है और घायलों का इलाज नजदीकी अस्पताल में जारी है।
प्राकृतिक आपदा के इस घटनाक्रम से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। चित्तौड़गढ़ जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है और ग्रामीण इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है, विशेषकर नौतपा के दौरान जब सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं। इस अवधि में लू की स्थिति और गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घरों में रहें, अधिक पानी पिएं, ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें और धूप में बाहर निकलने से बचें।
राज्य सरकार ने भी सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे लू के हालात को लेकर अलर्ट रहें और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर सार्वजनिक स्थलों पर ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही, अस्पतालों में गर्मी से संबंधित बीमारियों के इलाज की तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

